गोरखपुर में जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच विवाद: गैलरी का चैनल गेट बंद करके दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, परिजन शव का कराना चाहते थे पोस्टमाटर्म

गोरखपुर|

बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मंगलवार देर रात एक मरीज की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि नाराज जूनियर डॉक्टरों ने मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड की गैलरी का चैनल गेट बंद करके परिजनों के साथ बुरी तरह मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर के तेनुहारी सोयम गांव के निवासी उमाकांत चौधरी (45 वर्ष) एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद संतकबीरनगर जिला अस्पताल से बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। उन्हें यहां मेडिसिन इमरजेंसी के वार्ड नंबर 11 में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम कराने की मांग पर भड़क उठे डॉक्टर

मृतक के परिजनों का आरोप है कि उमाकांत की मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों ने डेथ सर्टिफिकेट जारी कर शव को तुरंत घर ले जाने के लिए कहा। चूंकि यह मामला सड़क हादसे से जुड़ा था, इसलिए तीमारदारों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और भविष्य के दावों के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। परिजनों की इसी मांग पर जूनियर डॉक्टर भड़क गए। दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों ने गैलरी का चैनल गेट लॉक कर दिया और तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

परिजनों ने अस्पताल में शुरू किया हंगामा

मारपीट के बाद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने कथित तौर पर पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए जरूरी 'मेमो' भेजने से भी मना कर दिया था, जिससे नाराज परिजन दोबारा वार्ड में पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। घटना की सूचना मिलने पर गुलरिहा थाना पुलिस और मेडिकल कॉलेज चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक दोनों पक्षों को समझाया और डॉक्टरों को शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जूनियर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम मेमो तैयार कर पुलिस को सौंपा, जिसके बाद शव को मर्चरी भेजकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई जा सकी।

जांच के लिए कमेटी का गठन

इस मामले में तीमारदारों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है जो वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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