गोरखपुर में जमीन रंजिश में हत्यारा चचेरा भाई अरेस्ट: वारदात को अंजाम देकर मोपेड से भागा, लुटेरी दुल्हन से शादी का लिया बदला

हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के करनपुरा गांव में शिवम उर्फ आदर्श पांडेय की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके चचेरे भाइयों राधेश्याम पांडेय और लवकुश को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार देर रात पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में जमीन विवाद और पुरानी पारिवारिक रंजिश को वारदात की वजह बताया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डबल बैरल बंदूक, कारतूस और भागने के लिए इस्तेमाल की गई मोपेड बरामद की है। एसपी नार्थ राजेश घुनावत के मुताबिक, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों को अरेस्ट किया। रविवार को आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी है।
मेथौली निवासी सुदामा पांडेय उर्फ गामा का करनपुरा गांव में नेवासा था। उनके बड़े भाई राम पलट के बेटे राधेश्याम और लवकुश गांव में रहकर खेती करते थे। सुदामा की भी यहां जमीन थी, जिसको लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। सुदामा की मौत के बाद उनका छोटा बेटा शिवम अपने हिस्से की खेती देखने लगा था। 15 अक्टूबर को वह विवादित खेत की जुताई कराने ट्रैक्टर लेकर पहुंचा, लेकिन राधेश्याम ने जुताई करने से मना कर दिया। कहासुनी के बाद ट्रैक्टर चालक वहां से चला गया। आरोप है कि कुछ देर बाद लवकुश मौके पर पहुंचा और उसके ललकारने पर राधेश्याम ने शिवम को गोली मार दी।
शादी में धोखे का बताया बदला
एसपी नार्थ के अनुसार, पूछताछ में राधेश्याम ने दावा किया कि सुदामा अपने जीवनकाल में धीरे-धीरे भाइयों के हिस्से की जमीन पर कब्जा करने लगे थे। उनकी मौत के बाद शिवम भी जमीन पर कब्जा करने लगा था। हाल में उसने एक जगह टीनशेड डाल दिया था, जिससे राधेश्याम नाराज था। दूसरी ओर, लवकुश ने आरोप लगाया कि सुदामा ने उसकी शादी ऐसी महिला से कराई थी, जो दो महीने बाद घर के सभी जेवर लेकर चली गई। इस घटना के बाद से उसके मन में सुदामा और उनके परिवार के प्रति नाराजगी थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने इसी रंजिश में शिवम की हत्या की।
लाइसेंसी बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी
वारदात में इस्तेमाल बंदूक राधेश्याम के नाम पर लाइसेंसी बताई गई है। पुलिस ने असलहे के इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी है। इस पर अंतिम कार्रवाई जिलाधिकारी के स्तर से होगी।
परिवार ने की सख्त सजा की मांग
शिवम की मां कृष्णावती देवी ने कहा कि उनका बेटा चचेरे भाइयों की इज्जत करता था, इसलिए उनसे हाथ नहीं उठाता था। दो अक्टूबर को उसने अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। बहन मधु पांडेय के मुताबिक, 12वीं पास शिवम पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर शाम शव गांव पहुंचा तो परिवार और ग्रामीण शोक में डूब गए। हंगामे की आशंका पर कई थानों की पुलिस तैनात रही। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। कालेसर स्थित मोक्षधाम में शिवम का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
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