गोरखपुर में नम आंखों से मां दुर्गा को दी विदाई: जयकारों के बीच घाटों पर किया गया प्रतिमा का विसर्जन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

गोरखपुर|
जयकारों के बीच घाटों पर किया गया प्रतिमा का विसर्जन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

बसंतपुर में बुधवार को मां दुर्गा की विदाई के दौरान माहौल भक्तिमय और भावुक रहा। महिलाओं समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने विसर्जन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारे लगाते हुए उन्हें विदाई दी। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद मां को विदा करते समय कई भक्त भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। लोगों ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। पूरे इलाके में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

पुराना गोरखपुर के वार्ड नंबर 78 में भी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां की गईं। नथमलपुर और केशव नगर समेत 20 से अधिक दुर्गा पंडालों में नौ दिनों तक पूजा के बाद प्रतिमाओं को विदाई दी जा रही है। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन रात में राजघाट स्थित राप्ती नदी के किनारे नगर निगम की ओर से बनाए गए पोखरे में किया जाना है। इस दौरान श्रद्धालु अंतिम दर्शन कर मां से सुख-शांति की प्रार्थना कर रहे हैं। विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

अकटहवां पुल पर पुलिस और तहसील प्रशासन मुस्तैद

पीपीगंज थाना क्षेत्र के अकटहवां पुल पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और तहसील प्रशासन सतर्क रहा। पीपीगंज थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी व प्रशासनिक कर्मचारी तैनात रहे।

सहजनवा क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच विसर्जन

सहजनवा तहसील क्षेत्र में बुधवार को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ। नवरात्र के समापन पर पूजा समितियों ने अंतिम आरती और पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच विसर्जन स्थलों तक पहुंचाया। कुआवल पुल, कालेसर, सिसई और मगहर पुल समेत प्रमुख स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और सुरक्षा व्यवस्था के साथ जरूरी इंतजाम किए गए। कई स्थानों पर लोगों ने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को जल में प्रवाहित किया।

यातायात संभालने में पुलिस और पूजा समितियों ने की मदद

विभिन्न गांवों से प्रतिमाओं के पहुंचने के कारण विसर्जन स्थलों पर चहल-पहल बढ़ गई। श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिसे संभालने में पुलिसकर्मियों और पूजा समितियों के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। प्रशासन ने विसर्जन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए। देर रात तक विसर्जन का क्रम जारी रहने की संभावना थी। अंतिम विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। नौ दिनों तक चले नवरात्र उत्सव का समापन श्रद्धा, भक्ति और भावुकता के माहौल में हुआ।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।