गोरखपुर में पालतू कुत्ते की याद में तेरहवीं और ब्रह्मभोज: छपवाए श्रद्धांजलि कार्ड, सात साल के बफी के निधन से टूटा परिवार

आजाद नगर से इंसान और जानवर के रिश्ते की ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है जिसने सबको भावुक कर दिया। एक परिवार ने अपने सात साल के पालतू कुत्ते बफी को सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य माना। उसकी मौत के बाद परिवार ने उसकी तेरहवीं, सुंदरकांड और ब्रह्मभोज का आयोजन कर उसे अंतिम विदाई दी। कुत्ते की मौत पर श्रद्धांजलि कार्ड भी छपवाए गए थे। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कहते हैं कुत्ता सबसे वफादार होता है लेकिन आजाद नगर के मिश्र परिवार के लिए बफी एक परिवार के सदस्य की तरह था। सात साल पहले जब अनिल मिश्र उसे घर लाए थे तब किसी ने नहीं सोचा था कि ये नन्हा सा जीव पूरे परिवार की जान बन जाएगा। बफी धीरे-धीरे घर के हर सदस्य के दिल में बस गया। उसकी एक आवाज पर पूरा घर दौड़ पड़ता था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
पेट में हो गया था अल्सर
अचानक बफी की तबीयत बिगड़ी। परिवार उसे डॉक्टर के पास ले गया। जांच में पता चला कि उसके पेट में अल्सर है। लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत से घर में सन्नाटा पसर गया। परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। अनिल मिश्र कहते हैं बफी गया नहीं, हमें छोड़ गया। उसका जाना किसी अपने को खोने जैसा है। इसी गहरे लगाव और अधूरे प्यार को श्रद्धांजलि देने के लिए परिवार ने वो किया जो शायद ही कोई करता है।
कार्ड पर लिखा-स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण
बफी की याद में बाकायदा ‘विनम्र श्रद्धांजलि’ कार्ड छपवाए गए। कार्ड पर सुनहरी सजावट के बीच बफी की मासूम सी तस्वीर लगाई गई और नीचे लिखा -स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण’। गुरुवार की शाम चार बजे मकान नंबर 454 बी, आजाद नगर में सुंदरकांड पाठ और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग भी इस अनोखे आमंत्रण को देखकर पहले हैरान हो गया। इसके बाद इस प्यार के आगे नतमस्तक हो गए। यह तेरहवीं सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि उस बेजुबान के लिए एक परिवार के सच्चे प्रेम का सबूत है, जो बोल नहीं सकता था पर प्यार करना सबसे ज्यादा जानता था।
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