गोरखपुर में रजत चौधरी पर पुलिस का शिकंजा: सात मुकदमों के बाद खुली हिस्ट्रीशीट, जेल से निकलते ही डाला था वीडियो
शहर में भाजपा नेता और पूर्व उपसभापति को धमकी देने के मामले में जेल जा चुके रजत चौधरी पर पुलिस ने अब निगरानी बढ़ा दी है। गोरखनाथ थाना क्षेत्र निवासी रजत को पुलिस ने दुराचारी घोषित करते हुए उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। उसके साथ रामपुर नया गांव निवासी सुरेंद्र निषाद की भी हिस्ट्रीशीट खोली गई है। पुलिस के मुताबिक रजत के खिलाफ सात और सुरेंद्र के खिलाफ 10 केस दर्ज हैं। दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
रजत चौधरी को 15 सितंबर को जेल से रिहाई मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की समीक्षा की। पुलिस के अनुसार इसी आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की गई। रजत वार्ड नंबर 53 लच्छीपुर जप्ती टोला के विकास नगर का रहने वाला है और पूर्व पार्षद का बेटा है। पुलिस अब उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी। दोनों के खिलाफ ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोले जाने की बात पुलिस ने कही है। जेल से बाहर आने के बाद रजत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रिहाई का वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसके साथ दोस्त और परिचित दिखाई दे रहे थे। पोस्ट के बाद इसे सोशल मीडिया पर लाइक और शेयर किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बीच यह वीडियो भी चर्चा में आया।
सड़क पर जलभराव के वीडियो से शुरू हुआ था विवाद
मामले की शुरुआत 10 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। पूर्व उपसभापति बृजेश सिंह उर्फ छोटू के मुताबिक, रजत चौधरी ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके वार्ड की निर्माणाधीन सड़क का वीडियो पोस्ट किया था। आरोप है कि वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का प्रयास किया गया। यह सड़क सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाई जा रही थी। निर्माण पूरा नहीं होने और जल निकासी का काम चलने के कारण सड़क पर पानी जमा था। बृजेश सिंह के अनुसार वीडियो सामने आने पर उन्होंने रजत की पोस्ट पर कमेंट किया कि सड़क का काम चल रहा है और निर्माण पूरा होने के बाद जलभराव नहीं होगा। इसके बाद दोनों के बीच कमेंटबाजी बढ़ गई। आरोप है कि रजत ने कमेंट में दो थप्पड़ में जमीन पर सुला देने की धमकी दी। इसके बाद मोबाइल पर भी दोनों के बीच नोकझोंक हुई।
धमकी के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
विवाद बढ़ने पर बृजेश सिंह ने शाहपुर थाने में तहरीर दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने रजत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। बाद में वह 15 सितंबर को जेल से बाहर आया। रिहाई के समय उसके दोस्त और परिचित पहले से जेल के बाहर मौजूद थे। बाहर निकलते ही दोस्तों ने नारे लगाकर उसका स्वागत किया। बताया गया कि इस दौरान ‘जेल का ताला टूट गया, दोस्त हमारा छूट गया’ जैसे नारे लगाए गए।
अपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर होगी कार्रवाई
रजत की रिहाई के दौरान उसके कुछ परिचितों और समर्थकों के साथ गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ छात्र नेता भी वहां पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रजत ने विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में मंच साझा किया था। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद दोनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











