गोरखपुर में बंसतपुर चौराहे पर हुआ ऐतिहासिक राघव-शक्ति मिलन: प्रभु श्रीराम ने उतारी मां दुर्गा की आरती, जयकारों से गूंजा शहर

दशहरा और दुर्गा पूजा के समापन के बाद बुधवार देर रात बसंतपुर चौराहे पर राघव शक्ति मिलन का आयोजन किया गया। बंसतपुर चौराहे पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा के मिलन को देखने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही दोनों का मिलन हुआ पूरा चौराहा जय श्रीराम और जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा।
बर्डघाट रामलीला कमेटी की ओर से भगवान श्रीराम की लीला का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का दृश्य दिखाया गया। युद्ध के बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और रावण के पुतले का दहन किया गया। बंगाली समिति दुर्गाबाड़ी की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु माता की प्रतिमा के साथ नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए बंसतपुर चौराहे की ओर बढ़े। रास्ते भर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

एक साथ दिखे श्रीराम और मां दुर्गा
बंसतपुर चौराहे पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा का मिलन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। मिलन होते ही लोगों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। चौराहे पर इतनी भीड़ थी कि खड़े होने की जगह मुश्किल से मिल रही थी फिर भी श्रद्धालु देर रात तक इस परंपरा के साक्षी बनने के लिए डटे रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, उत्साह और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। राघव शक्ति मिलन के दौरान विभिन्न समितियों की ओर से पारंपरिक करतब भी प्रस्तुत किए गए। कलाकारों के प्रदर्शन को देखने के लिए भीड़ जुटी रही।

1948 से चली आ रही है परंपरा
गोरखपुर में राघव शक्ति मिलन की परंपरा वर्ष 1948 से चली आ रही है। हर साल दशहरा और दुर्गा पूजा के बाद भगवान श्रीराम और मां दुर्गा का मिलन कराया जाता है। परंपरा के अनुसार भगवान श्रीराम मां दुर्गा की आरती उतारते हैं और उसके बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
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