गोरखपुर में विजयादशमी शोभायात्रा निकालेंगे सीएम: तिलकोत्सव कार्यक्रम का होगा आयोजन, प्रशासन ने सुरक्षा के किये कड़े इंतजाम
विजयादशमी के पावन अवसर पर आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में ऐतिहासिक और पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। गोरक्षपीठ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, आज सुबह सीएम योगी ने विशेष परिधान धारण कर शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ जी का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन और अनुष्ठान संपन्न किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी-देवताओं के विग्रहों की भी विशेष पूजा-अर्चना की।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर के समय गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ वहां उपस्थित साधु-संतों, शिष्यों और बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर अपना आशीर्वाद और जौ के जवारे का प्रसाद देंगे। इसके बाद, शाम ठीक 4:00 बजे गोरखनाथ मंदिर से भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। तुरही, नगाड़ों, डमरू और पारंपरिक बैंड-बाजे की मंगलध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर अपने विशेष वाहन पर सवार होकर इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन की तरफ से कड़े इंतजाम किए गए हैं और यात्रा के रूट पर कड़ा पहरा रहेगा।
महादेव का पूजन और प्रभु श्रीराम का होगा राजतिलक
यह विजय जुलूस गोरखनाथ मंदिर से प्रस्थान कर सबसे पहले ऐतिहासिक मानसरोवर मंदिर पहुंचेगा। वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े इस प्राचीन शिवालय में देवाधिदेव महादेव की विशेष पूजा और आरती करेंगे। मानसरोवर मंदिर में दर्शन के उपरांत शोभायात्रा आगे बढ़ते हुए मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहाँ चल रही रामलीला के मंच पर मुख्यमंत्री प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी का विधि-विधान से पूजन करेंगे और भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। इस अवसर पर रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री का एक जन-संबोधन भी प्रस्तावित है।
सर्वसमाज के लिए पारंपरिक भोज का आयोजन
विजयादशमी के इस पावन पर्व के समापन पर देर शाम को गोरखनाथ मंदिर में एक पारंपरिक सहभोज (दशहरा भोज) का आयोजन किया जाएगा। इस भोज में अमीर-गरीब, जाति, पंथ और वर्ग के बंधनों से परे समाज के सभी तबकों के लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे, जो गोरक्षपीठ की सामाजिक समरसता और अखंडता के संदेश को रेखांकित करता है।
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