गोरखपुर में अमृत भारत ट्रेन में पत्थर लगने से यात्री घायल: खिड़की खुली होने से आया पत्थर, दिल्ली से जा रहा था सीतामढ़ी

अमृत भारत ट्रेन में सफर कर रहे यात्री के सिर में चलती ट्रेन के दौरान बाहर से आई पत्थर जैसी कठोर वस्तु लग गई। चोट लगने से यात्री घायल हो गया। घटना की सूचना कंट्रोल से मिलने के बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ट्रेन को अटेंड किया। घायल यात्री को रेलवे अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। यात्री के बताए समय और ट्रेन की लोकेशन के आधार पर घटना सहजनवा-जगतबेला के बीच होने की आशंका है। आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने संभावित घटनास्थल के आसपास जांच और गश्त शुरू कर दी है।
आरपीएफ के अनुसार घटना ट्रेन संख्या 14048 के कोच संख्या आठ की बर्थ 42 पर फैजान जाकिर दिल्ली से सीतामढ़ी जा रहे थे। रात में वह अपनी बर्थ पर सो रहे थे और ट्रेन की खिड़की खुली थी। इसी दौरान अचानक बाहर से आया पत्थर या कोई कठोर वस्तु खिड़की के रास्ते उनके सिर से टकराई। इससे उनके सिर में चोट लग गई। घटना के समय बाहर अंधेरा होने के कारण यात्री पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति को देख नहीं सके। वह घटना की सटीक जगह भी नहीं बता पाए।
सिर पर लगी चोट
आरपीएफ की जांच में संबंधित खिड़की, शीशे या आसपास पत्थर टकराने का कोई स्पष्ट निशान नहीं मिला। हालांकि खिड़की खुली थी और यात्री के सिर पर सीधे चोट लगी। इन परिस्थितियों के आधार पर आरपीएफ ने बाहर से किसी व्यक्ति द्वारा खुली खिड़की की ओर पत्थर फेंके जाने की आशंका जताई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी गोरखपुर को भी सूचना दी गई।
शिकायत मिलने पर दर्ज होगी एफआईआर
आरपीएफ और जीआरपी की टीमें सहजनवा-जगतबेला के बीच संभावित घटनास्थल के आसपास गश्त कर रही हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाकर पूछताछ भी की जा रही है। आरपीएफ का कहना है कि घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान और पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच जारी है। घटना के संबंध में यात्री से लिखित शिकायत और एफआईआर के बारे में जानकारी ली गई। यात्री ने बताया कि वह सीतामढ़ी पहुंचने के बाद शिकायत देगा। तत्काल लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण गोरखपुर में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी। यात्री को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है। जीआरपी को भी शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है।










