मानकों की अनदेखी पर जीडीए सख्त: सात कोचिंग संस्थानों को किया सील, जांच के बाद हुई कार्रवाई
भवन मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सात कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। इन संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने का अवसर दिया गया था। लेकिन संतोषजनक जवाब और अनुपालन नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सीलिंग की कार्रवाई की।
जीडीए ने 23 और 24 जून को विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था। जांच में कई स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत भवनों का उपयोग, अग्निशमन व्यवस्था का अभाव और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिली थीं। इसके बाद संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे। गुरुवार को 10 संस्थानों को सील करने का आदेश जारी हुआ। इसके तहत कार्रवाई शुरू की गई और पहले दिन सात संस्थानों को सील कर दिया गया।
इन संस्थानों पर चला प्राधिकरण का शिकंजा
प्राधिकरण की टीमों ने हरिओम नगर, छात्रसंघ चौराहा, पादरी बाजार, शिवपुर सहबाजगंज, गांधी गली गोलघर तथा असुरन से राप्तीनगर मार्ग तक अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान छात्रसंघ चौराहे स्थित श्रीराम आईएएस कोचिंग सेंटर, हरिओम नगर के एसटी कोचिंग सेंटर, एसएससी मेकर कोचिंग सेंटर, बुद्धा कोचिंग सेंटर और पिलर कोचिंग सेंटर, अशोक नगर बशारतपुर स्थित फ्लाई हाई क्लासेस तथा रेल विहार कॉलोनी राप्तीनगर की सियाराम लाइब्रेरी को सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय के भीतर इन संस्थानों की ओर से आवश्यक अभिलेख या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
तीन दिनों में 129 संस्थानों को नोटिस
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई आगजनी की घटना के बाद शहर में तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासन, अग्निशमन विभाग और जीडीए की संयुक्त टीमों ने कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और छात्रावासों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, इमरजेंसी एग्जिट का अभाव और अग्निशमन यंत्रों के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई। तीन दिनों में कुल 129 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें 81 नोटिस जीडीए और 48 नोटिस अग्निशमन विभाग की ओर से जारी किए गए।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि अब तक 10 भवनों को सील करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं और चरणबद्ध कार्रवाई जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं है। विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों और संस्थान संचालकों से अपील की कि वे भवन के मुख्य द्वार पर स्वीकृत मानचित्र और फायर एनओसी प्रदर्शित करें, ताकि निरीक्षण में सुविधा हो। साथ ही चेतावनी दी कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।











