गोरखपुर में जमीन के कब्जे को लेकर विवाद: सपा नेता समेत तीन पर एफआईआर दर्ज, पुलिस ने पुरे घर की ली तलाशी
राजघाट थाना क्षेत्र के खोखरटोला में डीह की जमीन के एक टुकड़े पर कब्जे को लेकर को विवाद हो गया। आरोप है कि सपा नेता जफर अमीन डक्कू अपने समर्थकों और शहर सपा अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन पर लगे टीनशेड व पाइप हटाने लगे। महिलाओं के विरोध करने पर दोनों पक्षों में कहासुनी और नोकझोंक हो गई। मामले में खोखरटोला निवासी शहाना खातून की तहरीर पर देर रात राजघाट पुलिस ने सपा नेता जफर अमीन डक्कू, शहर सपा अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत अन्य के खिलाफ जमीन पर कब्जे का प्रयास, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
रात करीब 1 बजे राजघाट और कोतवाली पुलिस टीम महानगर अक्ष्यक्ष को ढूंढते हुए इस्माइलपुर स्थित घर पहुंची। पुलिस टीम के साथ महिला पुलिस कर्मी भी थीं। करीब एक घंटे तक घर के हर कमरे और छत पर तलाशी चलती रही। लेकिन महानगर अध्यक्ष का कहीं पता नहीं चला। परिवार का आरोप है कि पुलिस टीम ने छत पर पानी की टंकी, अलमारी, फ्रीज और कूलर खुलवाकर भी तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने कई बार सपा महानगर अध्यक्ष के मोबाइल पर परिवार वालों से फोन भी करवाया। लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
70 वर्षों से काबिज है महिला
शहाना खातून ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह खोखरटोला स्थित एक मकान पर करीब 70 वर्षों से काबिज हैं। उनका दावा है कि मकान डीह की आराजी संख्या 91 की जमीन पर बना है। तहरीर के मुताबिक, यह जमीन पूर्व जमींदार वल्लभदास की थी, जिन्होंने उनके पूर्वजों को रहने के लिए मकान बनाने के लिए दी थी।
आधे हिस्से पर पहले ही कर चुकें है कब्जा
महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में सपा नेता जफर अमीन डक्कू ने उनके मकान के आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया था। अब मंगलवार को डक्कू, शब्बीर कुरैशी और उनके समर्थक दोबारा मौके पर पहुंचे और बचे हुए हिस्से पर भी कब्जा करने का प्रयास करने लगे। महिला के मुताबिक, उसने इसका विरोध करते हुए जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही।आरोप है कि इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। जान से मारने की धमकी दी गई। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप के बाद महिला को बचाया जा सका। शहाना ने तहरीर देकर अपनी जान को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने निगरानी के लिए लगवाएं सीसीटीवी कैमरे
विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। राजघाट पुलिस ने विवादित स्थल पर दो सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए, जिससे जमीन पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सके और दोबारा किसी तरह के कब्जे या विवाद की स्थिति न बने। राजस्व विभाग को जमीन के अभिलेखों और दोनों पक्षों के दावों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि-महिला ने एफआईआर कराई है। मामले की जांच की जा रही है। जमीन के वास्तविक स्वामित्व और स्थिति का निर्धारण राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद होगा। पुलिस को मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।











