गोरखपुर छावनी से उनौला दोहरी रेल लाइन तैयार: अधिकारियों ने छावनी स्टेशन का किया निरीक्षण, हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाकर परखा गया नया ट्रैक
गोरखपुर छावनी-पनियहवा रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के तहत गोरखपुर छावनी से उनौला के बीच 7.64 किलोमीटर रेलखंड का काम पूरा हो गया है। निर्माण पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल ई श्रीनिवास ने रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। ट्रैक, सिग्नल, पुल, समपार फाटक, ओवरहेड बिजली लाइन समेत विभिन्न संरक्षा इंतजामों की जांच की गई। निरीक्षण के अंत में उनौला से गोरखपुर छावनी के बीच ओएमएस स्पेशल ट्रेन से अधिकतम निर्धारित गति पर स्पीड ट्रायल हुआ, जो सफल रहा।
रेल संरक्षा आयुक्त ने गोरखपुर छावनी स्टेशन से जांच शुरू की। यहां यार्ड रीमॉडलिंग के कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों से वीडीयू पैनल, रिले रूम तथा उनौला छोर पर किए गए संरक्षा बदलावों की जानकारी ली। प्वाइंट संख्या 221-ए की जांच के साथ नई विद्युतीकृत लाइन की फिटिंग्स को निर्धारित मानकों पर परखा गया। सभी प्लेटफॉर्मों की ऊंचाई और ट्रैक के केंद्र से उनकी दूरी भी मापी गई।
मोटर ट्रॉली से पुल और फाटकों की जांच
स्टेशन निरीक्षण के बाद आयुक्त मोटर ट्रॉली से 7.64 किलोमीटर रेलखंड पर निकले। किलोमीटर 390/13 पर स्विच एक्सटेंशन ज्वाइंट संख्या 48, 387/30 पर समपार फाटक 2-सी और कर्व संख्या 11-सी की जांच की गई। गेटमैन से संरक्षा संबंधी जानकारी लेकर उसका ज्ञान भी परखा गया। किलोमीटर 386/23 पर पुल संख्या 02 की फिटिंग्स, फाउंडेशन और ट्रैक के केंद्र-विचलन की माप हुई। इसके बाद 385/15 पर समपार फाटक 2-एसी का निरीक्षण किया गया।
ओवरहेड लाइन से रेलपथ तक परखी संरक्षा
निरीक्षण के दौरान रेलपथ, बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन लाइन, सिग्नल पोस्ट और पोल्स की स्थिति देखी गई। पुल, पुलियाओं और समपार फाटकों की भी जांच की गई। निर्माण गुणवत्ता और संरक्षा मानकों के पालन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
अधिकतम गति पर दौड़ी ओएमएस स्पेशल ट्रेन
निरीक्षण के अंतिम चरण में उनौला से गोरखपुर छावनी के बीच ओएमएस स्पेशल ट्रेन को अधिकतम निर्धारित गति पर चलाकर नई दोहरी लाइन की संचालन क्षमता परखी गई। ट्रायल सफल रहा। दोहरीकरण से अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने के साथ रेल यातायात को व्यवस्थित करने और ट्रेनों के बेहतर संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।











