गोरखपुर में बाढ़ के संकट से अंतिम सफर हुआ मुश्किल: पानी के बीच शव लेकर चले परिजन, रात में नाव से लाना पड़ा मृतका का शव
सरयू और राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बड़हलगंज क्षेत्र के दियारा और कछार इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है और संपर्क मार्गों पर भी पानी ओवरफ्लो हो रहा है। हालात इस कदर मुश्किल हो गए हैं कि लोगों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए भी पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। हिंगुहार निवासी कैलाशपति विश्वकर्मा की चाची के निधन के बाद परिजनों को रात में नाव के जरिए शव घर तक लाना पड़ा। सुबह दाह संस्कार के लिए शव लेकर निकले तो रास्ते में घुटने तक पानी भरा मिला। इसके बाद परिजन पानी में उतरकर शव लेकर आगे बढ़े।
चारों ओर पानी और अंधेरे के बीच रात में नाव से शव घर तक पहुंचाना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती रही। सुबह अंतिम संस्कार के लिए निकलने पर भी रास्ते में बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ था। ग्रामीणों ने पानी हेलकर शव को आगे पहुंचाया। उनका कहना है कि सामान्य स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए इतनी परेशानी उठानी पड़ रही है तो बीमारी, प्रसव या किसी अन्य आपात स्थिति में लोगों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
कई गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
सरयू का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र के अजयपुरा, गोरखपुरा, खैराटी और मुसाडीह समेत कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कछार क्षेत्र के लखनौरी, लखनौरा, हिंगुहार, सूबेदार नगर माझा, जगदीशपुर और बिहुआ उर्फ अगिलगौवा में पानी पहुंच चुका है। डेरवा-बैरिया खास संपर्क मार्ग पर पानी ओवरफ्लो होने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो डेरवा-सूबेदार नगर माझा मार्ग भी पानी में डूब सकता है।
तटबंधों के उच्चीकरण की मांग
हिंगुहार निवासी कैलाशपति विश्वकर्मा, सूबेदार नगर माझा के ग्राम प्रधान सत्यसेन सिंह, जगदीशपुर निवासी अजय तिवारी व सूरज पांडेय समेत ग्रामीणों ने तटबंधों के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन संवेदनशील तटबंधों का पर्याप्त उच्चीकरण और मजबूतीकरण नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बाढ़ के बाद राहत कार्यों के बजाय पहले से तटबंध मजबूत करने, प्रभावित मार्गों पर नाव की व्यवस्था करने और राहत-बचाव की तैयारियां तेज करने की मांग की है।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
एसडीएम गोला मनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। राजस्व कर्मियों की तैनाती भी की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।











