गोरखपुर में सीएम योगी बोले- माफिया का दौर खत्म: इंसेफेलाइटिस का कहर थमा, 75 जिलों में संचालित हो रहे 85 मेडिकल कॉलेज
शहर में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान हर जिले के एक दुर्दांत माफिया से होती थी। अब स्थिति बदल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस भी माफिया और मच्छर की तरह खत्म हो गया है। आज प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि 85 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने इसे नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में आईएमए के ब्लड सेंटर की शुरुआत करना उनके लिए महत्वपूर्ण और पवित्र कार्य है। उन्होंने डॉक्टरों से जरूरत के मुताबिक रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं को जोड़ने की अपील की। इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर नियमित अपील जारी करने पर जोर दिया। उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारियों से ग्रसित पेशेवर रक्तदाताओं के कारण गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों की जानकारी शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत है।
हर जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा
योगी ने कहा कि सरकार ने हर जिला अस्पताल में डायलिसिस के 10-10 बेड उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि एमबीबीएस की सीटें अब 13 हजार से अधिक हो गई हैं, जबकि पहले इनकी संख्या करीब चार हजार थी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं और संसाधनों का विस्तार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल रहा है। प्रदेश में 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित होने की जानकारी भी उन्होंने दी।
10 बेड से शुरू होना था अस्पताल
मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय के शुरुआती दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में पूज्य महंत अवेद्यनाथ से अस्पताल शुरू करने को लेकर चर्चा हुई थी। उस समय 10 बेड का अस्पताल शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन स्थानीय चिकित्सकों ने शुरुआत में ही इसे 100 बेड का बना दिया। उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ अस्पताल ने चैरिटी के आधार पर अस्पताल चलाने का उदाहरण पेश किया। योगी ने कहा कि डॉ. अवधेश अग्रवाल ने धीरे-धीरे ब्लड बैंक, ब्लड सेपरेटर यूनिट समेत कई सुविधाएं विकसित कीं। उन्होंने उस समय लाइसेंस लेने में आने वाली दिक्कतों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहला आईसीयू गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय ने शुरू किया था और वहां डायलिसिस की चार यूनिट से सेवा शुरू हुई थी।
अपडेट्स
सड़क निर्माण में सुस्ती पर सीएम नाराज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एचएन सिंह चौक से हड़हवा फाटक होते हुए जगेसर पासी चौराहे तक बन रही टूलेन/फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया। निर्माण की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट बाजार के सामने और हड़हवा फाटक के आगे रुककर निर्माण कार्य का जायजा लिया। 495.24 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में लोक निर्माण विभाग सड़क, जल निगम सीवर लाइन और सेतु निगम हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण करा रहा है। सीएम ने कहा कि आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हरहाल में आवागमन योग्य बनाया जाए। काम के दौरान यातायात प्रभावित न हो और जलनिकासी के लिए हेड टू टेल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिथिलता पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
दिवंगत अधिवक्ताओं के घर पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आकाशीय बिजली से जान गंवाने वाले अधिवक्ता आलोक कुमार अस्थाना और संजय सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने दोनों अधिवक्ताओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी में आलोक कुमार अस्थाना के परिवार को 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और पांच लाख रुपये अधिवक्ता कल्याण कोष से दिए। इसके बाद शक्ति नगर में संजय सिंह के परिवार को भी 15 लाख रुपये की सहायता दी। दोनों अधिवक्ताओं की छह सितंबर को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हुई थी। इससे पहले आपदा कोष से दोनों परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
2017 से पहले की व्यवस्था पर साधा निशाना
योगी ने कहा कि 2017 से पहले नौकरी निकलते ही सैफई सिंडिकेट वसूली के लिए सक्रिय हो जाता था। युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और सौदेबाजी होती थी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को न्याय के लिए कोर्ट का रुख करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने उस दौर में लूट-खसोट और अराजकता होने का आरोप लगाया।
यूपी को कर्फ्यू-दंगा मुक्त बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू और दंगा मुक्त है। अपराधी या तो जेल में हैं या दूसरे लोक की यात्रा कर चुके हैं। अब कोई खुलेआम धमकी नहीं दे सकता और न अपराध कर सकता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति सुरक्षित है और सुरक्षा की गारंटी है।
रामगढ़ताल का किया जिक्र
योगी ने रामगढ़ताल का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इसे देखकर कोई नहीं सोच सकता था कि यह इतना सुंदर बनेगा। आज यह देश और दुनिया को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने पहले की गंदगी और बीमारी के लिए सपा-कांग्रेस सरकारों की मानसिकता को जिम्मेदार बताया। कहा कि पहले गंदगी, अपराध और सुविधाओं की कमी थी, जबकि अब लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं।
19 सितंबर से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसकी प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू होगी। सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। योगी ने कहा कि उनकी सरकार अब तक साढ़े नौ लाख लोगों को नौकरी दे चुकी है।

सीएम योगी ने किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण
नकहा नंबर-2 में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से बनाए गए कल्याण मंडपम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया। तीन करोड़ नौ लाख रुपये की लागत से तैयार इस भवन के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर हॉल बनाए गए हैं, जहां करीब 300 लोग बैठ सकते हैं। शादी और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए यहां सस्ती दरों पर बुकिंग कराई जा सकेगी।












