गोरखपुर में हिरासत में अंडा दुकानदार की मौत: बेटी ने लगाया पिटाई का आरोप, पुलिस बोली- मिर्गी से गिरकर लगी थी चोट
खजनी में साइकिल चोरी के विवाद में हिरासत में लिए गए अंडा-लिट्टी दुकानदार की बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। अर्जुन को 13 सितंबर की रात पुलिस ने हिरासत में लिया था और अगले दिन शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया था। परिजनों ने पुलिस हिरासत में मारपीट और 15 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने मारपीट के आरोप से इनकार करते हुए दावा किया है कि थाने में मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद गिरने से अर्जुन के सिर में चोट लगी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
परिजनों के मुताबिक, 13 सितंबर की रात पुलिस अर्जुन को साइकिल चोरी के आरोप में ले गई थी। 14 सितंबर को उन्हें शांतिभंग की आशंका में खजनी तहसील ले जाया गया। इसी दौरान दुबे मेडिकल स्टोर के सामने अर्जुन अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें सीएचसी हरनहीं ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, अर्जुन का धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत चालान किया गया था। न्यायालय में पेश करने से पहले थाना कार्यालय के सामने उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा और गिरने से सिर में चोट लगी। पुलिस ने घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड होने की बात कही है।
जमानत के बाद फिर बिगड़ी तबीयत
पुलिस के अनुसार, उपचार के बाद अर्जुन को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से वह जमानत पर रिहा हो गए। परिजनों का कहना है कि 15 सितंबर की रात करीब दो बजे उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अर्जुन परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे। परिवार में मां सरस्वती, पत्नी और दो बेटियां पायल व मुस्कान हैं।
पुलिस ने मारपीट से किया इनकार
अर्जुन की बेटी मुस्कान ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके पिता के साथ मारपीट की और 15 हजार रुपये मांगे। दूसरी ओर क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर ने पुलिस हिरासत में मारपीट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अर्जुन को साइकिल चोरी से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था और बाद में शांतिभंग की आशंका में चालान भेजा गया। उपलब्ध साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट को लेकर पुलिस का दावा
सीओ ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में अर्जुन के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, उनकी पहली पत्नी की करीब चार साल पहले एचआईवी/एड्स से मौत हुई थी। इसके बाद अर्जुन ने दूसरी शादी की थी। सीओ के मुताबिक, सीएचसी हरनहीं में प्राथमिक उपचार के बाद अर्जुन ने आगे मेडिकल जांच कराने से इनकार किया था। पुलिस का कहना है कि बाद में उन्हें न्यायालय में पेश कर जमानत पर रिहा किया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव एंबुलेंस से घर ले जाया गया है। जांच में मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।











