गोरखपुर में विश्वकर्मा जयंती पर CM योगी ने की पूजा: बोले- UP में 3 करोड़ से अधिक लोग कारीगरी से जुड़े, PM मोदी को बताया नए भारत का शिल्पी
जटाशंकर स्थित विश्वकर्मा मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की। पूजनोत्सव में उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती का दिन बेहद पवित्र है। इसी दिन सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक लोग अलग-अलग तरह की कारीगरी और हस्तशिल्प के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़े हैं और अपने परिवार का जीवन-यापन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, स्वर्ण कारीगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सहयोग दिया जा रहा है। योजना के तहत कारीगरों को टूल किट, प्रशिक्षण और लोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2017 में सरकार बनने के बाद कारीगरों और हस्तशिल्पियों के हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया।
पुस्तक का किया विमोचन
श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति की ओर से आयोजित पूजनोत्सव में भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्र भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक पुस्तक का विमोचन किया। विश्वकर्मा मंदिर परिसर और मंदिर मार्ग को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और धार्मिक झांकियों से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही।
हर हुनरमंद भगवान विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के शिल्पी के तौर पर पूजा जाता है। आज हर वह कारीगर, जो किसी न किसी हुनर से जुड़ा है, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पूजन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें हर साल विश्वकर्मा मंदिर में आकर पूजा करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव कारीगर और हस्तशिल्पी अपने हुनर को आगे बढ़ा रहे हैं।
सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत में भगवान विश्वकर्मा की शिल्प परंपरा को तकनीक से जोड़ने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। कारीगरों और हस्तशिल्पियों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और नए अवसरों से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन के साथ भजन-कीर्तन व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए।











