सऊदी अरब में ड्रोन हमला: दम्माम एयरपोर्ट पर गोरखपुर के कमलेश की मौत, परिवार में मचा कोहराम

गोरखपुर|
दम्माम एयरपोर्ट पर गोरखपुर के कमलेश की मौत, परिवार में मचा कोहराम

सऊदी अरब के दम्माम में स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 21 अक्टूबर को हुए एक भीषण ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत हो गई। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इस हमले की चपेट में आने से कमलेश ने अपनी जान गंवा दी। कमलेश की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

कमलेश पांडेय (36 वर्ष) गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र के किशुनपुर उर्फ बगही गांव के रहने वाले थे। वह पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर बस ड्राइवर और ग्राउंड स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। वह महज पांच महीने पहले ही घर से दोबारा सऊदी अरब लौटे थे। कमलेश अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिससे पूरे घर की आजीविका चलती थी।

पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल

कमलेश की असामयिक मौत से उनकी पत्नी सुनीता देवी और दोनों बेटियों, तान्वी (14 वर्ष) व तान्या (10 वर्ष) के सिर से पिता का साया उठ गया है। रोती-बिलखती पत्नी और मासूम बच्चियों को देखकर पूरे गांव की आंखें नम हैं। कमलेश के बुजुर्ग माता-पिता भी गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

शव को वतन वापस लाने की गुहार

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य भारतीयों के घायल होने की पुष्टि की है। दूतावास अधिकारियों के अनुसार, वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद कर रहे हैं। इस बीच, मृतक कमलेश के पिता हरिश्चंद्र पांडेय और अन्य परिजनों ने सरकार से कमलेश के शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की गुहार लगाई है ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।

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