गोरखपुर में सपा प्रमुख का एक्शन: अंशुमान सिंह को पार्टी ने किया निष्कासित, अन्य सदस्य भी हुए पद मुक्त
शनिवार को प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' अभियान को लेकर बुलाई गई थी। इसी दौरान विधानसभा चुनाव के लिए गोरखपुर ग्रामीण सीट से टिकट के दावेदार अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ सभागार में पहुंचे।
मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर पार्टी नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी को कथित तौर पर थप्पड़ जड़ दिया। सरेआम हुई इस हाथापाई और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पार्टी की जमकर किरकिरी हुई।
अखिलेश यादव का ताबड़तोड़ एक्शन
इस घटना को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सख्त रुख अपनाया और शनिवार शाम को ही पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी की तहरीर पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी ने आरोपी पक्ष के नेता अंशुमान सिंह को निष्कासित कर दिया।
गोरखपुर से जुड़े सदस्य पद मुक्त
रविवार को अखिलेश यादव की अनुमति से पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किया गया। इसके तहत गोरखपुर जिला संगठन, महानगर संगठन, सभी फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष व पदाधिकारी, और यहां तक कि गोरखपुर से जुड़े राज्य व प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया।
संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बड़ी कार्रवाई न केवल थप्पड़ कांड की तात्कालिक प्रतिक्रिया है, बल्कि गोरखपुर सपा के भीतर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी, टिकटों की दावेदारी को लेकर खींचतान और आपसी असंतोष को खत्म करने का एक कड़ा संदेश भी है। पूरी इकाई भंग होने के बाद अब समाजवादी पार्टी गोरखपुर में नए सिरे से अपना संगठन और कार्यकारिणी खड़ी करेगी।
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