छात्र नेता दुराचारी घोषित: पुलिस ने ख श्रेणी का बनाया हिस्ट्रीशीटर, 10 मुकदमे हैं दर्ज

गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के गेट पर छात्र गुटों में मारपीट के मामले में छात्र नेता गोलू उर्फ उज्ज्वल सिंह की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोल दी है। पुलिस ने उसे दुराचारी घोषित करते हुए ‘ख’ श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर बनाया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ कैंट और महिला थाने में कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीट खोलने के बाद अब पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखेगी।
22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे विवि गेट के सामने दो छात्र गुटों के बीच विवाद हो गया था। 20 से अधिक छात्रों के बीच हाथापाई हो गई थी। मामले में एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने उज्ज्वल सिंह, सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी समेत अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। कैंट पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद उज्ज्वल सिंह ने प्रेसवार्ता कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को बेबुनियाद बताया था। एसपी सिटी निमिष पाटिल के अनुसार, उज्ज्वल सिंह पर वर्ष 2019 से 2026 के बीच कैंट और महिला थाने में 10 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इनमें मारपीट, धमकी, नुकसान पहुंचाने और अन्य आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं। वर्ष 2023 में महिला थाने में उसके खिलाफ छेड़खानी के आरोप में भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वर्ष 2026 में दर्ज मामलों में बीएनएस की धाराएं शामिल हैं।
आजमगढ़ का रहने वाला है आरोपी
उज्ज्वल सिंह मूलरूप से आजमगढ़ के रौनापार क्षेत्र के कर्खिया गांव का निवासी है। वर्तमान में वह कैंट थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के अधिकारी आवास में रहता है। एसपी सिटी ने बताया कि हिस्ट्रीशीट खोलने का उद्देश्य व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखना और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में जानकारी जुटाना है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में 22 सितंबर को सदस्यता अभियान को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। दो छात्र गुटों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट और हंगामा हुआ था, जिसके बाद कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। मामले में एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर छात्र नेता सतीश प्रजापति, उज्जवल सिंह, सत्यम समेत अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
जान से मारने की धमकी और बस से उड़ाने का था आरोप
एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय परिसर में सतीश प्रजापति, उज्जवल सिंह, सत्यम और उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट की। तहरीर में जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकी देने के साथ 1068 रुपये नकद तथा आवश्यक दस्तावेज छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मारपीट, लूट और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस विश्वविद्यालय पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर थाने ले गई। इसके बाद बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक मौजूद रहे थे।
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