शिक्षक एमएलसी चुनाव कल: 17 जिलों के 54,303 शिक्षक करेंगे मतदान, गोरखपुर में 18 पोलिंग पार्टियां रवाना

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। इसमें 17 जिलों के 54,303 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। गोरखपुर जनपद में मतदान कराने के लिए गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय परिसर से 18 पोलिंग पार्टियों को रवाना की गईं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा की निगरानी में पोलिंग पार्टियों को मतपत्र, बैलेट बॉक्स और अन्य आवश्यक निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही मतदान के दौरान निगरानी और अधिकारियों की आवाजाही के लिए विश्वविद्यालय परिसर में सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन रिजर्व रखे गए हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 जिलों के शिक्षक मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों में मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों की तैनाती की गई है। गोरखपुर में रवाना हुईं 18 पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। मतदान कर्मियों को निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराने, मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पोलिंग पार्टियों को मतपत्र, मतपेटिका (बैलेट बॉक्स) और मतदान से संबंधित अन्य जरूरी सामग्री के साथ रवाना किया गया। मतदान केंद्रों पर पहुंचने के बाद पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मी उपलब्ध कराई गई सामग्री का मिलान करेंगे। मतदाता सूची, मतदान से जुड़े आवश्यक प्रपत्र, पीठासीन अधिकारी की डायरी, मतपत्रों का लेखा-जोखा रखने वाले दस्तावेज, सील, टैग, लिफाफे और स्टेशनरी जैसी सामग्री का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। वास्तविक सामग्री निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुरूप होगी।

मतदान के दौरान मतदाता पहचान पत्र जरूरी
शिक्षक एमएलसी चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्र और मतपेटिका के माध्यम से मतदान कराया जाता है। मतदान शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतपेटिका की जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। मतदान के दौरान मतदाता की पहचान, मतपत्र जारी करने, मतपत्रों का हिसाब रखने और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतपत्रों तथा निर्वाचन संबंधी अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जमा कराया जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां
मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश, एसीएम प्रथम पवन कुमार जायसवाल, एसडीएम सहजनवा नमन मेहता,डीडीसी दशरथ कुमार, एसओसी धर्मेंद्र मिश्र, चकबंदी अधिकारी सुनील सिंह और देवकांत पांडेय, एसडीएम बांसगांव मलखान सिंह, अपर एसडीएम बांसगांव प्रेम नारायण प्रजापति तथा सहायक बचत निदेशक बृजेश यादव ने अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए व्यवस्थाओं पर नजर रखी। प्रशासन का जोर रहा कि पोलिंग पार्टियों की रवानगी और निर्वाचन सामग्री के वितरण में किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
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