यूपी में झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण: अंतिम चरण में पहुंची जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया, 49 गांवों की कुल 316 हेक्टेयर भूमि खरीद का कार्य पूरा
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए योगी सरकार की महत्वाकांक्षी झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना तेजी से धरातल पर उतर रही है। इस परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरणों में पहुंच चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, झांसी जिले के 49 गांवों की कुल 316 हेक्टेयर जमीन इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए ली जा रही है, जिसमें से अब तक 89.16 फीसदी भूमि की खरीद का कार्य पूरा कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से भूमि खरीद की यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आपसी सहमति के आधार पर की जा रही है। प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा और सुविधाएं समय पर दी जा रही हैं, जिससे भूस्वामी स्वेच्छा से अपनी जमीन का बैनामा कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार शिविर लगाकर किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है।
भविष्य में छह से आठ लेन करने की योजना
यह आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे लगभग 106.3 किलोमीटर लंबा होगा, जो शुरुआत में 6-लेन का बनाया जा रहा है और भविष्य में इसे 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह एक्सप्रेस-वे झांसी के अंबावाय से शुरू होकर जालौन के फूलपुरा के पास सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इसके जरिए वाहन चालक आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए सीधे दिल्ली तक का सफर बेहद कम समय में तय कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹7,968.30 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार खुद कर रही है।
क्षेत्र को मिलेगा औद्योगिक बूस्ट
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बुंदेलखंड क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यह मार्ग बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 36,000 एकड़ में बसने वाली इंडस्ट्रियल टाउनशिप और डिफेंस कॉरिडोर के बिल्कुल पास से गुजरेगा। इससे न केवल भारी औद्योगिक निवेश आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। जमीन खरीद की इस रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि मुख्य निर्माण कार्य भी जल्द ही धरातल पर नजर आने लगेगा।







