कानपुर में दवा कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: बहू की जगह बेटा निकला असली मास्टरमाइंड, पुलिस के सामने कबूला जुर्म
कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच के बाद एक बहुत बड़ा मोड़ सामने आया है, जिसमें शुरुआत में आरोपी बनाई गईं बहू शालू मिनोचा की जगह अब उनके बेटे सुब्रत मिनोचा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार किया गया है। सुब्रत ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए अपने पिता के चरित्र, कर्ज और अपनी पत्नी शालू को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
सुब्रत ने पुलिस को बताया कि उसके पिता विनीत मिनोचा का चरित्र ठीक नहीं था और उनके कई महिलाओं व लड़कियों के साथ अवैध संबंध थे। सुब्रत का आरोप है कि उसके पिता की अय्याशी इस हद तक बढ़ गई थी कि वे खुद उसे अन्य महिलाओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाने लगे थे। जिससे सुब्रत को डर सताने लगा था कि कही उसके पिता किसी दिन किसी महिला को उसकी मां बताकर घर ले आएंगे या कोई महिला गर्भवती न हो जाए, जिससे उसके घर की करोड़ों की संपत्ति हाथ से निकल जाएगी। इसी संपत्ति को बचाने के चक्कर में उसने हत्या की साजिश रची।
पत्नी के जेल जाने से डिप्रेशन में था सुब्रत
पुलिस के सामने रोते हुए सुब्रत ने कबूल किया कि इस पूरी हत्या की साजिश में उसकी पत्नी शालू मिनोचा की कोई भूमिका नहीं है और वह पूरी तरह बेकसूर है। सुब्रत ने बताया कि शालू के जेल जाने के बाद वह बेहद पछतावे में था। वह डिप्रेशन में आकर नींद की गोलियां खाने लगा था और अगर पुलिस उसे नहीं पकड़ती, तो वह सुसाइड कर लेता।
सुब्रत ने दी थी सुपारी
नौकर विशाल के बयानों से खुलासा हुआ कि सुब्रत ने ही उसे सुपारी देते वक्त कहा था कि 'पापा को मार दो, और अगर पकड़े जाओ तो शालू का नाम ले लेना'। इसी वजह से शुरुआत में पुलिस ने शालू को मुख्य आरोपी मानकर जेल भेज दिया था।
भारी कर्ज में दबा था सुब्रत
सुब्रत पर भारी कर्ज था, जिसकी वह हर महीने करीब 55 हजार रुपये की किस्त भर रहा था। कर्ज चुकाने और खर्च निकालने के लिए वह पहले अपनी ही दुकान से चोरियां भी करता था। पुलिस को सबसे बड़ा सुराग घर के कैमरों की डीवीआर से मिला। सुब्रत ने घटना की रात कैमरे बंद किए थे, जिसकी फुटेज डिलीट होने के बाद भी पुलिस ने रिकवर कर ली।
शालू की नहीं है कोई भूमिका
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि चूंकि अब साफ हो गया है कि मास्टरमाइंड सुब्रत और उसके दो साथी विशाल और राजकिशोर ही असली कातिल हैं, इसलिए शालू की संलिप्तता न मिलने पर उसे जल्द ही क्लीन चिट देकर रिहा करने के लिए कानूनी कदम उठाए जाएंगे।











