कानपुर में पहली बार एक करोड़ की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद: दिल्ली-मुंबई से जुड़ा नेटवर्क, हाई-प्रोफाइल रईसजादे थे निशाने पर

कानपुर में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले एक बहुत बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। कानपुर पुलिस के 'ऑपरेशन व्हाइट पाउडर' और एंटी-ड्रग्स अभियान के तहत, फजलगंज पुलिस और सेंट्रल जोन स्वाट टीम ने मिलकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गोविंद नगर पुल के नीचे रेलवे लाइन के पास चेकिंग के दौरान 101 ग्राम प्रतिबंधित मेफेड्रोन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके से 20 वर्षीय ड्रग पेडलर नजमुद्दीन उर्फ शान को धर दबोचा है। हालांकि, उसका मुख्य साथी और इस रैकेट का सरगना शहरोज पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी नजमुद्दीन ने खुलासा किया कि वह केवल हाईस्कूल पास है और शहरोज ही उसे यह महंगी ड्रग्स लाकर देता था।
हुक्का बार बंद हुए तो खड़ा किया पेडलर्स का नया नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। तस्करों ने बताया कि शहर में हुक्का बारों पर सख्ती और उन्हें बंद किए जाने के बाद उनका पुराना धंधा प्रभावित हुआ था। इसके बाद ड्रग माफियाओं ने कानपुर, लखनऊ और यूपी के अन्य प्रमुख जिलों में अपने 'कस्टमर' बनाए और सीधे उन तक माल पहुंचाने के लिए युवा पेडलर्स का एक नया नेटवर्क खड़ा कर दिया। ये पेडलर सीधे ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें ड्रग्स की डिलीवरी देते थे।
दिल्ली-मुंबई और दक्षिण भारत तक फैले हैं तार
डीसीपी सेंट्रल जोन अतुल कुमार श्रीवास्तव और पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के बाद नेटवर्क के बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आए हैं। यह सिंडिकेट दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों से कम कीमत पर भारी मात्रा में ड्रग्स लाता था और फिर उत्तर प्रदेश के कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर बेचता था।
रेव पार्टियां और रईसजादे थे मुख्य खरीदार
बरामद की गई मेफेड्रोन ड्रग्स बेहद महंगी और हाई-प्रोफाइल मानी जाती है। पुलिस जांच के मुताबिक, इस ड्रग्स की मुख्य सप्लाई शहर के रईसजादों, रसूखदार घरों के युवाओं और गुपचुप तरीके से आयोजित होने वाली रेव पार्टियों में की जा रही थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कानपुर के कौन-कौन से सफेदपोश, छात्र या क्लब इस पेडलर के सीधे संपर्क में थे।
उत्तेजक मादक पदार्थ है मेफेड्रोन
फजलगंज थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय के अनुसार, मेफेड्रोन एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक उत्तेजक मादक पदार्थ है। इसे आमतौर पर पाउडर के रूप में सूंघकर, निगलकर या इंजेक्शन के जरिए लिया जाता है। इसके सेवन से इंसान के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर पड़ता है, जिससे कुछ देर के लिए झूठा उत्साह और अत्यधिक ऊर्जा महसूस होती है। हालांकि, इसके सेवन से दिल की धड़कन तेज होना, हाई ब्लड प्रेशर, घबराहट, दौरे पड़ना और मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसी गंभीर जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। कानपुर पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।
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