कानपुर में पीआरडी जवानों की ड्यूटी में घोटाला: फर्जी हाजिरी दिखाकर 3.03 लाख रुपये का गबन, विभाग से कई सरकारी दस्तावेज भी गायब

कानपुर|
फर्जी हाजिरी दिखाकर 3.03 लाख रुपये का गबन, विभाग से कई सरकारी दस्तावेज भी गायब

कानपुर के युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग में ‘ड्यूटी एक दिन और वेतन पूरा’ देने का एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें 35 पीआरडी जवानों की फर्जी हाजिरी दिखाकर 3.03 लाख रुपये का गबन किया गया है। उप निदेशक (युवा कल्याण) शिल्पी पांडेय की जांच में इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इस मामले में तत्कालीन जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल और बाबू वैभव सिंह को मुख्य रूप से दोषी पाया गया है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वयंसेवकों की ड्यूटी और उनके मानदेय भुगतान में भारी विसंगतियां की गईं। हैरानी की बात यह है कि पोर्टल पर महज एक दिन की ड्यूटी दिखाकर जवानों को 15,000 से 15,500 रुपये तक का पूरा भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा विभाग से मस्टर रोल समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भी गायब पाए गए हैं।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भेजी गई रिपोर्ट

घोटाला उजागर होने के बाद, उप निदेशक शिल्पी पांडेय ने तत्कालीन जिला युवा कल्याण अधिकारी आरती जायसवाल और बाबू वैभव सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए महानिदेशक (प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण) को पत्र लिखकर अपनी रिपोर्ट भेज दी है। कानपुर जिले में तैनात कुल 550 पीआरडी जवानों में से 35 जवानों के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया था, जिसकी गहनता से जांच की गई।

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