कानपुर में बारिश में भरभराकर गिरा कच्चा मकान: हादसे में पिता और तीन बेटियों की मौत, मलबे में दबने से एक की हालत गंभीर
जिले में लगातार बारिश के बीच रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे में पिता और उनकी चार बेटियां दब गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पांचों को मलबे से बाहर निकाला गया और पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने पिता मुकेश और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू और पल्लवी को मृत घोषित कर दिया। बड़ी बेटी काजल गंभीर रूप से घायल है। उसे कानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
रविवार सुबह करीब 9:30 बजे अचानक मकान गिरने से इलाके में तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले तो मुकेश का मकान मलबे में तब्दील हो चुका था। परिवार के पांच सदस्य उसके नीचे दबे थे। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाना शुरू किया और पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ग्रामीण राहत-बचाव में जुटे रहे। करीब दो घंटे बाद सभी पांचों को बाहर निकाला जा सका।
पत्नी की मौत के बाद बेटियों की जिम्मेदारी उठा रहे थे मुकेश
पुलिस के अनुसार, हिरनी गांव निवासी मुकेश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी की काफी पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी। इसके बाद चारों बेटियों की जिम्मेदारी मुकेश के कंधों पर थी। वह दो मंजिला कच्चे मकान में बेटियों के साथ रहते थे। रविवार को परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। इसी दौरान कमजोर हो चुका मकान अचानक जमींदोज हो गया। मलबे से निकालने के बाद पांचों को पतारा सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने मुकेश और उनकी तीन बेटियों को मृत घोषित कर दिया। काजल की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर जिला अस्पताल भेजा गया। परिवार में अब वही अकेली बची है।
दिसंबर में होनी थी काजल की शादी
मुकेश के चचेरे भाई तेज बहादुर सिंह ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मकान गिरने के बाद परिवार को बचाने के लिए पुलिस को लगातार फोन किया गया, लेकिन शुरुआत में फोन रिसीव नहीं हुआ। काफी देर बाद संपर्क हो सका। उनका आरोप है कि पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों ने खुद बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे बाद पांचों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। तेज बहादुर ने यह भी आरोप लगाया कि सीएचसी में समय पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। उनका कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थी। परिजनों के मुताबिक, काजल उर्फ लक्ष्मी की शादी दिसंबर में होनी है। उसकी शादी सम्मेलन के जरिए तय हुई थी और अब परिवार में वह अकेली बची है।
लगातार बारिश से कमजोर हो गया था मकान
ग्रामीणों के मुताबिक, हिरनी गांव में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं। इसी वजह से रविवार सुबह मकान ढहने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात की जानकारी जुटाई।











