बिल्हौर में भरभराकर गिरी सरकारी आवास की छत: हादसे में बाल-बाल बचे तहसीलदार, नगर पालिका के कार्य निर्माण पर उठे सवाल
बिल्हौर कस्बे में स्थित छोटी बाजार में नगर पालिका द्वारा निर्मित एक सरकारी आवास की छत अचानक भरभराकर गिर गई। वहां रह रहे नायब तहसीलदार धर्मेंद्र हादसे के वक्त छत के नीचे मोजूद नहीं थे, जिससे वह बाल-बाल बच गए।
बताया जा रहा है कि जिस जगह की छत गिरी है, नायब तहसीलदार अक्सर वहीं लेटते थे। अगर यह हादसा रात के समय होता, तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। घटना के बाद नगर पालिका के निर्माण कार्य और उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर पालिका के कार्यों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की खुली पोल
यह हादसा गुरुवार को दिन में हुआ हैं। उस वक्त नायब तहसीलदार छत के नीचे मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस घटना ने नगर पालिका के निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
14 वर्ष पुराना है आवास
अधिकारियों के मुताबिक, यह आवासीय परिसर लगभग 14 वर्ष पहले नगर पालिका द्वारा बनवाया गया था, जिसे लंबे समय से मरम्मत की दरकार थी। तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने बताया कि छत का एक छोटा हिस्सा टूटकर गिरा है और किसी को चोट नहीं आई है। अब पुरानी सीलिंग को हटाकर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।











