कौशांबी में गोली लगने से महिला सिपाही की मौत: गले को चीरते हुए बाहर निकली गोली, कुर्सी पर बैठते ही दबा राइफल का ट्रिगर
जिले के महिला थाने में मंगलवार सुबह ड्यूटी के दौरान महिला सिपाही प्रियंका की गोली लगने से मौत हो गई। वह थाने के कार्यालय के बाहर गेट पर पहरेदारी कर रही थीं। सुबह करीब 10:30 बजे किसी काम से उठकर जाने के बाद वह दो मिनट में वापस लौटीं। शुरुआती जांच के मुताबिक कुर्सी पर बैठते समय उनकी राइफल का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। गोली गले को चीरते हुए जबड़े को फाड़कर निकल गई। फायरिंग की आवाज सुनते ही थाने में भगदड़ मच गई। साथी पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एएसपी अमिता सिंह ने बताया कि घटना के समय प्रियंका के दाहिने हाथ में राइफल थी। पुलिस ने उनके कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने राइफल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल को सील कर दिया गया है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथी पुलिसकर्मियों से भी घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है।
जून के आखिरी सप्ताह में मिली थी पहली पोस्टिंग
प्रियंका मूल रूप से गाजीपुर के दूल्हापुर क्षेत्र के सिखरी गांव की रहने वाली थीं। उनके पिता का नाम रविंद्रनाथ यादव है। करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने पुलिस की ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद कौशांबी महिला थाने में उनकी पहली तैनाती हुई थी। जून के आखिरी सप्ताह में उन्होंने महिला थाने में कार्यभार संभाला था।
सीओ सदर के नेतृत्व में जांच टीम गठित
पुलिस ने घटना की वजह स्पष्ट करने के लिए जांच शुरू कर दी है। सीओ सदर सौरभ सामंत के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। एएसपी के मुताबिक जांच के दौरान घटनास्थल, राइफल, सीसीटीवी फुटेज और साथी पुलिसकर्मियों से मिली जानकारी को देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही गोली चलने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।









