लखनऊ में स्मृति दिवस पर पुलिस कर्मियों को सीएम ने दी बड़ी सौगात: बाइक-मोबाइल भत्ता बढ़ा, कहा-बिना भेदभाव के दो लाख से अधिक भर्तियां की

पुलिस स्मृति दिवस पर बुधवार को लखनऊ पुलिस लाइन पहुंचे सीएम योगी ने पुलिस कर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने पीपीएस अफसरों की वर्दी, बाइक और मोबाइल सिम भत्ता बढ़ाने का ऐलान किया। सीएम योगी ने पीपीएस अफसरों की वर्दी भत्ता बढ़ाया है। पीपीएस अफसरों को अब 6400 की जगह 15 हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा सीएम योगी ने फील्ड में रहने वाले उपनिरीक्षक और निरीक्षक के लिए बाइक भत्ता भी बढ़ा दिया है। इन्हें अब 1000 बाइक का भत्ता दिया जाएगा। इससे पुलिस कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सीएम योगी ने मुख्य आरक्षी और सिपाही को मोबाइल सिम का भत्ता दो हजार से बढ़ाकर ढाई हजार रुपये कर दिया है। पुलिस भर्ती को लेकर सीएम योगी ने कहा, पहले पुलिस के हजारों पद खाली पड़े थे। हमने पुलिस कर्मियों को बेहतर संसाधन दिए। हमने प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई। बिना भेदभाव के 2 लाख से अधिक भर्तियां की हैं। अब यूपी पुलिस में 45 हजार महिला पुलिसकर्मी है, जो पहले 10 हजार थी।
2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
सीएम योगी ने 2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया। विपक्ष पर हमलावर हुए सीएम योगी ने कहा-नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। 2017 से पहले यूपी में माफिया राज था। पुलिस को अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की मिली स्वतंत्रता के कारण प्रदेश उपद्रव से उत्सव का प्रदेश बन पाया है। सीएम योगी ने कहा, आज अपराधियों को पता है कि यूपी में उसका आखिरी ठिकाना कहां है। सीएम योगी ने कहा-एक समय वह भी था जब अपराधी को छूते ही सत्ता के फोन आने लगते थे।
कहा-यूपी अब उपद्रव प्रदेश से बना उत्सव प्रदेश
पहले थानों की कुर्सी पर इंस्पेक्टर बैठता था पर फैसला कहीं और से आता है। सीएम योगी ने इस दौरान मथुरा के जौहार बाग कांड का भी जिक्र किया। सीएम योगी ने कहा, 2017 में जब भाजपा सरकार आई तो पुलिस से एक ही बात कही थी कि अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति होंगी। यूपी अब उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बन चुका है। अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर सीएम योगी बोले-एटीएस ने घुसपैठियों की कमर तोड़ी है। पूर्ववर्ती सरकार ने पीएसी की कंपनिया खत्म करने का पाप किया। उनका चरित्र देखिये कैसे भी सत्ता पानी है। उन्होंने कहा, अंग्रेजों का पुलिस एक्ट दमन के लिए बनाया गया था। आज दमन कारी कानूनों को समाप्त किया गया है।
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