यूपी में एमएलसी चुनाव: सपा-भाजपा ने झोंकी ताकत, मुख्यमंत्री योगी ने खुद संभाली कमान

यूपी में 11 सीटों पर एमएलसी चुनाव हो रहा है। इसमें अपना परचम लहराने के लिए सपा और भाजपा ने अपनी ताकत लगा दी है। सीएम योगी ने खुद भाजपा के चुनाव की कमान संभाल ली है। भाजपा के एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए सीएम लगातार जनसभा कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को गोरखपुर, मंगलवार को बरेली में जनसभा की थी। बुधवार को वाराणसी में सीएम योगी एमएलसी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगेंगे। योगी की सक्रियता को देखते हुए अखिलेश ने अंतिम समय में दो प्रत्याशियों को बदल दिया है।
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तरह विधान परिषद में भी अंतिम समय में दो प्रत्याशियों को बदलकर बता दिया है कि यह चुनाव उनके लिए भी कितना महत्वपूर्ण है। समाजवादी पार्टी की तरफ से भी तमाम नेता और पदाधिकारी अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जुटे हुए हैं। अखिलेश यादव भी बैठकों के जरिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। पहली बार सपा-भाजपा दोनों तरफ से इस चुनाव को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई जा रही है।
2024 के लोकसभा चुनाव में मिली जीत से सपा उत्साहित
2024 के लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद से ही सपा उत्साहित है। उसे एक तरह से इस जीत ने भाजपा पर मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी है। सपा की इसी बढ़त को खत्म करने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी का चुनाव जीतना भाजपा के लिए अहम हो गया है। पिछली बार भाजपा ने 11 में से छह सीटें जीती थीं। इस बार उसकी कोशिश उससे ज्यादा सीटों पर कब्जे की है।
इन 11 सीटों पर होने जा रहा एमएलसी चुनाव
एमएलसी की 11 सीटों पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव हो रहा है। स्नातक में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक की सीटें हैं। इसी तरह शिक्षक के लिए लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन की सीटें हैं।
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