लखनऊ में श्रद्धा दुबे मामले में हटाए गए एसीपी: डीसीपी और इंस्पेक्टर पर पहले ही गिर चुकी है गाज, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी न होने और लगातार चकमा देने के मामले में पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के बाद सोमवार को एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब अभिषेक कुमार पांडेय को हजरतगंज का नया एसीपी नियुक्त किया गया है।
फरार चल रही श्रद्धा दुबे द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने और कथित तौर पर पुलिस को भनक लगे बिना नेपाल बॉर्डर से होकर लखनऊ हाई कोर्ट परिसर आने-जाने की सूचनाओं के बाद शासन स्तर से यह सख्त कदम उठाया गया है। मामले की विवेचना और शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने पर रविवार को इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सबसे पहले लाइन हाजिर किया गया था। इंस्पेक्टर पर ऐक्शन के कुछ ही घंटों बाद लखनऊ सेंट्रल के डीसीपी विक्रांत वीर को भी हटाकर डीजीपी (DGP) मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। उनकी जगह अर्पित विजयवर्गीय को नया डीसीपी मध्य बनाया गया है। सोमवार को इस कड़ी में तीसरा बड़ा ऐक्शन लेते हुए एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को पद से हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त बनाया गया है।
शिवा शर्मा हत्याकांड मामला
लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 9 अक्टूबर 2026 को कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की मां ने शिवा की लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश पर मारपीट और हत्या करने का सीधा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। पुलिस की आठ टीमें नेपाल से लेकर पश्चिमी यूपी तक लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होना लखनऊ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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