मथुरा में जन्माष्टमी पर कृष्णमय हुआ ब्रज: मंगला आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म

मथुरा|04 सितंबर 2026
मंगला आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा भक्ति और उल्लास में डूबा हुआ है। बांके बिहारीजी मंदिर में सुबह 5:20 बजे मंगला आरती हुई। इसमें करीब 10 हजार भक्त शामिल हुए। ढोल-मंजीरे, शंख, घंटे और घड़ियाल की धुन पर माहौल कृष्णमय हो गया। महिलाओं ने ढोल-मंजीरे की ताल पर नृत्य किया। प्रशासन के अनुसार जन्मोत्सव में देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। इससे ठीक पांच मिनट पहले रात 11:55 बजे कपाट बंद रहेंगे। गर्भगृह में पर्दे के पीछे कान्हा को पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी। रत्न-जड़ित मुकुट और आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। जन्म के बाद पर्दा खुलेगा और आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर भक्तों को दर्शन कराया जाएगा। सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से भगवान का अभिषेक होगा। इसके बाद चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा। रात 12:45 बजे प्रतिमा को गर्भगृह में रखकर शयन आरती होगी और कपाट बंद कर दिए जाएंगे। गर्भगृह को 200 किलो चांदी और फूल-पत्तियों से सजाया गया है। जन्म के दौरान मंगल ध्वनि और आनंद संकीर्तन के लिए उज्जैन से डमरू और मृदंग वादक बुलाए गए हैं। जन्म अभिषेक का एलईडी स्क्रीन और टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण होगा।

कृपालु धाम में की गई भव्य सजावट

प्रतापगढ़ के कृपालु धाम मनगढ़ में भी जन्माष्टमी को लेकर भव्य सजावट की गई है। भक्ति मंदिर, गुरुधाम, साधना भवन, सत्संग हाल और पूरे परिसर को विद्युत रोशनी से सजाया गया है। भक्ति मंदिर परिसर में दो दर्जन से अधिक झांकियां तैयार हैं, जबकि गुरुधाम में भी दर्जनों झांकियां सजाई गई हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और आध्यात्मिक प्रसंगों को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। करीब दो किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर लाइटिंग की गई है। गुरुधाम में दोपहर तीन से शाम सात बजे तक दर्शन होंगे। इसके बाद कपाट बंद कर दिए जाएंगे। भक्ति मंदिर में सुबह छह बजे से रात दो बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे। शयन आरती के बाद रात दो बजे कपाट बंद होंगे।

देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु

शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में विशेष मंगला आरती हुई। इसके दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचे। आरती के दौरान शंख, घंटे और घड़ियाल की ध्वनि से पूरा भवन भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। मान्यता के अनुसार भगवान के प्राकट्य से पहले होने वाली यह विशेष आरती वर्षभर की आरतियों में विशेष महत्व रखती है।

नव्य जागरण

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