मथुरा में बस की टक्कर से स्कूटी सवार की मौत: परिजनों ने सड़क पर शव रख किया हंगामा, लोगों ने ड्राइवर को जमकर पीटा
जिले में सोमवार सुबह बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत हो गई। हादसा जिला मुख्यालय से वृंदावन जाने वाले रास्ते पर वात्सल्य ग्राम के पास हुआ। बस चालक उस समय वाहन को पीछे कर रहा था। किशन की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को मथुरा-वृंदावन रोड पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान भीड़ ने एंबुलेंस के शीशे तोड़ दिए और बस चालक को घेरकर उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने किसी तरह चालक को भीड़ से निकालकर हिरासत में लिया और अस्पताल पहुंचाया। कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए।
अक्रूर गांव निवासी किशन सोमवार सुबह स्कूटी से चैतन्य विहार स्थित अपनी सब्जी की दुकान पर जा रहे थे। उनके भाई नंद किशोर के मुताबिक, किशन वात्सल्य ग्राम के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पर्यटकों से भरी बस का चालक उसे पीछे कर रहा था। बस की चपेट में आने से किशन स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। उनके शरीर से खून बहने लगा। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें वृंदावन के एक अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन किशन को मथुरा के एक बड़े अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
किशन की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन शव लेकर गांव के बाहर मथुरा-वृंदावन रोड पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। कुछ ही देर में गांव की महिलाएं भी हाथों में लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गईं। लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क किनारे लगे ट्री गार्ड उखाड़कर रास्ते में डाल दिए गए, जिससे दोनों तरफ का यातायात बाधित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी बीच कुछ लोगों के वाहन लेकर निकलने की कोशिश करने पर जाम लगाए लोगों से कहासुनी भी हुई।
एंबुलेंस रोकने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
जाम की सूचना मिलते ही तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजन से बात कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश की गई। हालांकि, परिजन शव ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। वे एंबुलेंस के सामने खड़े होकर उसे रोकने लगे और शव बाहर निकालने के लिए पुलिस से खींचतान करने लगे। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इससे गुस्साई भीड़ ने एंबुलेंस के शीशे तोड़ दिए। पुलिस किसी तरह एंबुलेंस को वहां से निकालकर ले गई।
भीड़ ने बस चालक को घेरा
एंबुलेंस के वहां से निकलने के बाद भीड़ ने बस चालक को घेर लिया। लोगों ने उसे घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर तक ले जाकर पीटा। इसके बाद बस के पहिए भी पंचर कर दिए गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ के बीच से चालक को बाहर निकाला और हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा। पुलिस ने परिजन को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शांत हुए।
चालक बोला- बस पार्क करने के लिए पीछे कर रहा था
बस चालक ने बताया कि वह बरेली से 56 यात्रियों को लेकर वृंदावन दर्शन कराने आया था। यात्रियों को छोड़ने के बाद बस को पार्क करने के लिए पीछे कर रहा था। शाम को उसे यात्रियों के साथ वापस लौटना था। इसी दौरान पीछे करते समय बस की टक्कर किशन की स्कूटी से हो गई। हादसे में किशन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए परिजन
किशन के भाई नंद किशोर ने बताया कि किशन परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। परिजन हादसे के बाद मुआवजे और बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी किशन पर ही थी। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए।
सीओ बोले- तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने परिजन से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि परिजन की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिवार को नियमों के तहत जो भी मदद संभव होगी, वह भी उपलब्ध कराई जाएगी।











