मेरठ में नौ हॉक विमानों ने आसमान में दिखाया रोमांच: दो सौ फीट की ऊंचाई पर बनाई आकृतियां, एक साथ उड़ान भरकर दिखाए शानदार अलग फॉर्मेशन

मेरठ|

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से शनिवार को मेरठ का आसमान गूंज उठा। शहर में पहली बार आयोजित एयर शो में सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए। करीब 200 फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने धुएं से आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाईं। देखते ही देखते तिरंगा नजर आया और विमानों ने हवा में गोते लगाकर दर्शकों का रोमांच बढ़ा दिया।

दो दिन चलने वाला एयर शो शनिवार सुबह 10:30 बजे न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में शुरू हुआ। करीब आधे घंटे के प्रदर्शन में नौ हॉक विमानों ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से उड़ान भरी। शुरुआत में सभी विमान एक ही फॉर्मेशन में आसमान में नजर आए। इसके बाद विमान अलग हुए और फिर एक साथ आकर कभी वर्टिकल तो कभी हॉरिजॉन्टल फॉर्मेशन बनाते दिखाई दिए।

पांच मीटर से कम दूरी पर उड़ते रहे विमान

प्रदर्शन के दौरान विमान एक-दूसरे से पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ते नजर आए। पायलटों ने लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर जैसे करतब दिखाए। विमानों की तेज आवाज और लगातार बदलते फॉर्मेशन से पूरा इलाका रोमांचित रहा। जैसे ही विमान दर्शकों के ऊपर पहुंचते, लोग तालियां और सीटियां बजाने लगते। भारत माता की जय और जय हिंद के नारे भी गूंजते रहे।

मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर भी टीम में

एयर शो की खास बात यह रही कि सूर्यकिरण टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों के साथ उड़ान भरी। वहीं स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से शो के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। ऐसे में शहर में आयोजित एयर शो में मेरठ के पायलटों की भी सीधी भागीदारी रही।

सात से आठ हजार लोग बने गवाह

एयर शो देखने के लिए 10 से अधिक स्कूलों के छात्र पहुंचे। एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मौके पर करीब सात से आठ हजार लोगों की मौजूदगी रही। प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स को एयर शो दिखाने की तैयारी की है। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से करीब 1.5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है।

1996 में हुई थी सूर्यकिरण की शुरुआत

सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक्स प्रदर्शन टीम है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। यह वायुसेना की 52वीं स्क्वाड्रन का हिस्सा है। टीम में कुल 13 पायलट होते हैं, लेकिन प्रदर्शन के दौरान केवल नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। टीम के लिए सिर्फ लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पायलटों का चयन किया जाता है।

पायलटों के पास हजारों घंटे का अनुभव

सूर्यकिरण के पायलटों के पास किरण एयरक्राफ्ट उड़ाने का करीब 1,000 घंटे का अनुभव होता है। इसके अलावा उनके पास लगभग 2,000 घंटे की लड़ाकू उड़ान का अनुभव भी होता है। पायलटों के अलावा टीम में फ्लाइट कमांडर, एक प्रशासक और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर होते हैं। टीम देश के कई हिस्सों में एयर शो के दौरान अपने एयरोबैटिक प्रदर्शन कर चुकी है।

लाल-सफेद हॉक का फॉर्मेशन होगा आकर्षण

सूर्यकिरण टीम के लाल-सफेद रंग के हॉक विमान निर्धारित रेडियस में फॉर्मेशन बनाएंगे। प्रदर्शन के दौरान विमान करीब 200 फीट की ऊंचाई तक आएंगे। इसके बाद अलग-अलग फॉर्मेशन और एरोबेटिक करतब दिखाए जाएंगे। एक साथ कई विमानों का फॉर्मेशन बनाना एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।

आकाश गंगा भी दिखाएगी स्काई डाइविंग

एयर शो में सूर्यकिरण के अलावा आकाश गंगा स्काई डाइविंग टीम भी प्रदर्शन करेगी। सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से स्लिदरिंग-विन्चिंग का प्रदर्शन भी प्रस्तावित है। परिवहन विमानों का फ्लाईपास्ट, सेना बैंड और ड्रिल टीम भी कार्यक्रम में शामिल होगी। विद्यार्थियों के लिए सेना और वायुसेना के अधिकारियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन भी होंगे।

20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की तैयारी

प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स को एयर शो दिखाने की तैयारी की है। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से करीब 1.5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम स्थल मेरठ साउथ आरआरटीएस स्टेशन से करीब 2.5 किलोमीटर और मोहिउद्दीनपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 1.8 किलोमीटर दूर है।

मई में भेजा गया था एयर शो का प्रस्ताव

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी के मुताबिक, 10 मई को शौर्य कौशिक ने मेरठ में एयर शो कराने का सुझाव दिया था। इसके बाद 13 मई को प्रस्ताव भेजा गया। रक्षा मंत्रालय और वायुसेना के प्रशिक्षण निदेशालय से 8 सितंबर को अनुमति मिली। अनुमति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कम समय में आयोजन की तैयारियां शुरू कर दीं।

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