मेरठ में नकली सिगरेट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़: संचालक गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ का माल बरामद
मेरठ के हस्तिनापुर कस्बे से आठ किमी दूर गांव दूधली खादर में गौशाला के पास एक भवन में देश की एक बड़ी आइटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने की फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने गुरुवार रात लगभग नौ बजे कंपनी के अधिकारियों के साथ छापा मारकर संचालक को गिरफ्तार कर लिया हैं। मौके से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की सिगरेट और 50 लाख रुपये की मशीनें बरामद की।
इस धंधे का संचालन कर रहे दिल्ली के कारोबारी रवि किशोर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य भाग निकले। पुलिस ने बताया कि कंपनी के अधिकारी पिछले एक महीने से इस नकली फैक्ट्री की रेकी कर रहे थे। पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि सिगरेट बनाने के लिए कच्चा माल कंबोडिया और तंबाकू राजस्थान से मंगाया जा रहा था।
छह माह से चल रहा था सिगरेट का कारखाना
पुलिस के अनुसार रवि किशोर पिछले छह माह से हस्तिनापुर के दूधली खादर में पुराने स्कूली भवन में सिगरेट बनाने का कारखाना चला रहा था। इस कारखाने में देश की सबसे बड़ी आइटीएसी सिगरेट कंपनी की सिगरेट बनाई जा रही थी। कारखाने के अंदर गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, इंसिग्निया, सैसर्स, प्लैयर्स और ब्रिस्टल ब्रांड तैयार किए जा रहे थे। कंबोडिया से कच्चा माल और राजस्थान से तंबाकू खरीदकर सिगरेट तैयार की जा रही थी। उसके बाद यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, एमपी, राजस्थान और दिल्ली में सिगरेट की बड़े पैमाने पर सप्लाई दी जा रही थी।










