पीलीभीत में सपा सांसद का नवरात्रि में 'चिकन पार्टी': भाजपा ने कहा-यह सनातन का अपमान है, सपा सांसद ने इसे राजनीति का गिरता हुअ स्तर बताया
नवरात्रि के दौरान समाजवादी पार्टी राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन का एक कथित 'चिकन पार्टी' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी संग्राम छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे सनातन धर्म और हिंदुओं की आस्था का सीधा अपमान बताते हुए सपा पर तीखा हमला बोला है। वहीं, सपा सांसद ने पलटवार करते हुए इसे राजनीति का गिरता हुआ स्तर बताया है।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन वहां आयोजित एक PDA सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद, वह पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से पार्टी के दावेदार मोहम्मद आरिफ के घर गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में रामजी लाल सुमन अन्य पार्टी नेताओं के साथ बैठकर चिकन खाते हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नवरात्रि के पावन दिनों का है, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
चुनाव आते ही हिंदु बनने का नाटक करते है सपाई
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के दिग्गज नेताओं और मंत्रियों ने सपा को आड़े हाथों लिया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और यूपी के गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित कई भाजपा नेताओं ने इसे सनातन संस्कृति का अपमान बताया है। भाजपा ने आधिकारिक तौर पर और सोशल मीडिया के जरिए सपा पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आते ही ये लोग हिंदू बनने का नाटक करते हैं, लेकिन नवरात्रि में जब सनातनी व्रत रख रहे हैं, तब सपा के नेता मुर्गे की दावत उड़ा रहे हैं। भाजपा ने इसे "नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र" करार दिया है। गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि नवरात्रि के दौरान जब मीट की दुकानें बंद रखने के निर्देश हैं, तो ऐसे में नॉन-वेज़ कहां से आया। उन्होंने इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट से जांच कराने की बात भी कही है।
सपा सांसद का पलटवार-उनकी बुद्धि के लिए प्रार्थना ही कर सकता हूं
भाजपा के इन तीखे हमलों पर सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हमेशा सैद्धांतिक और बुनियादी मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए। खान-पान को लेकर हो रही बयानबाजी पर क्षोभ जताते हुए सांसद ने कहा, "कौन क्या खा रहा है और क्या पी रहा है, क्या अब देश की राजनीति का स्तर यही रह गया है?" उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस तरह की छोटी सोच रखने वालों की बुद्धि शुद्धि के लिए केवल भगवान से प्रार्थना ही कर सकते हैं।
असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है भाजपा
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अन्य प्रवक्ताओं और नेताओं का कहना है कि भाजपा असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लोगों के खान-पान को भी नियंत्रित करने और उस पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में उपचुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और दोनों ही दल एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
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