गोरखपुर में आज से 52 केंद्रों पर होगी पीईटी परीक्षा: छह पालियों में बैठेंगे 1.39 लाख अभ्यर्थी, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 482 पुलिसकर्मी

शहर में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। जिले में बनाए गए 52 केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। पहली पाली में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर चेकिंग की गई। महिला अभ्यर्थियों के बालों में लगे क्लचर भी खुलवाए गए। मंगलसूत्र और बिछिया को छोड़कर अन्य आभूषण पहनने की अनुमति नहीं दी गई। आधार कार्ड का मिलान करने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
पीईटी का आयोजन आज और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर को किया जाएगा। प्रत्येक दिन दो पालियों में परीक्षा होगी। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चलेगी। हर पाली में 23,208 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इस तरह छह पालियों में कुल 1,39,248 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का कार्यक्रम है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी निगरानी
अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की तैनाती के साथ प्रमुख स्थानों पर भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एसपी स्तर के दो अधिकारियों को सौंपी गई है। इनके साथ नौ क्षेत्राधिकारी, 22 थानेदार, 75 उपनिरीक्षक और 482 आरक्षी व महिला आरक्षी तैनात रहेंगे। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पुलिसकर्मियों को व्यवस्था बनाए रखने और अभ्यर्थियों की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
145 रिजर्व कक्ष निरीक्षकों की लगाई गई ड्यूटी
परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए सभी केंद्रों पर 52 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 52 स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। इसके अलावा 967 बाह्य कक्ष निरीक्षक, 104 आंतरिक कक्ष निरीक्षक और 145 रिजर्व कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक हो चुकी है, हालांकि कक्ष निरीक्षकों का प्रशिक्षण अभी निर्धारित नहीं किया गया है।
पुलिस की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी परीक्षा
परीक्षा की निगरानी और विभागों के बीच समन्वय के लिए पर्यटन भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां कक्ष संख्या तीन और चार में डबल लॉक की व्यवस्था की गई है। परीक्षा के संस्थागत संचालन की जिम्मेदारी डॉ. राकेश प्रताप सिंह को दी गई है, जबकि अब्दुल सिद्दीकी को प्रभारी बनाया गया है। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच की जिम्मेदारी संबंधित संस्था निभाएगी। परीक्षा प्रशासन और पुलिस की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी।
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