पीलीभीत में चंदे के विवाद में चलीं गोलियां: दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत, मुख्य आरोपी समेत 8 हिरासत में

उत्तरप्रदेश|

अमरिया कस्बे में रामलीला कमेटी में चंदे के हिसाब को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो कारोबारी सगे भाइयों समेत तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उनका एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद एक पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला किया और फिर लाइसेंसी राइफल व तमंचे से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक युवक भी गोली की चपेट में आ गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने जांच की और तनाव को देखते हुए कस्बे में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर अमरिया थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, कस्बे में रहने वाले कौशल गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता के परिवारों के बीच रामलीला कमेटी के चंदे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कौशल कमेटी के सदस्य हैं, जबकि चंद्र प्रकाश का बेटा सूरज उसका अध्यक्ष है। कमेटी हर साल कस्बे में रामलीला का आयोजन कराती है।

बैठक में चार साल के चंदे का मांगा था हिसाब

बीते नौ अक्टूबर को हुई बैठक में कौशल ने सूरज से चार साल के चंदे का हिसाब मांगा था। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच बहस हुई, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत करा दिया। सोमवार शाम करीब छह बजे कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद लोगों ने उन्हें समझाकर अलग कर दिया, लेकिन विवाद थमा नहीं।

दोनों पक्षों में हुई मारपीट

चंद्र प्रकाश के भाई नरेश गुप्ता के बेटे मोहित और अंकित गुप्ता अपने साथियों के साथ कौशल गुप्ता के घर पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों में गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि कौशल ने अपने भाई हर्षित, चाचा संतोष गुप्ता और अन्य लोगों के साथ मिलकर लाइसेंसी राइफल व तमंचे से फायरिंग कर दी। इस दौरान लाठी-डंडे भी चले। गोली लगने से मोहित, अंकित, उनके रिश्तेदार रोज गुप्ता और वहां से गुजर रहे कुणाल श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गए।

इलाज के दौरान तीन की मौत

सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने चारों घायलों को अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने अंकित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में मोहित गुप्ता को बरेली रेफर किया गया, जहां रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। चौथे घायल रोज गुप्ता का बरेली में उपचार चल रहा है। मृतकों की पहचान कारोबारी मोहित गुप्ता (38), अंकित गुप्ता (30) और राहगीर कुणाल श्रीवास्तव (18) के रूप में हुई है। घायल रोज गुप्ता की उम्र 20 साल है।

मौके पर पहुंचे एसपी

घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता, उसके भाई हर्षित गुप्ता, पिता नरेश गुप्ता, चाचा संतोष गुप्ता और चचेरे भाई रचित गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, संतोष गुप्ता की लाइसेंसी राइफल, एक अवैध तमंचा और लाठी-डंडे बरामद किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कस्बे में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हार्डवेयर और सर्राफा कारोबार से जुड़े थे दोनों भाई

मृतक अंकित हार्डवेयर कारोबारी थे, जबकि मोहित सर्राफा का काम करते थे। घायल रोज गुप्ता भी सर्राफा कारोबारी हैं। दूसरी ओर, रामलीला कमेटी अध्यक्ष सूरज गुप्ता सरिया-सीमेंट का कारोबार करते हैं। आरोपी कौशल अपने घर में कपड़ों की दुकान चलाता है, जबकि उसके चाचा संतोष सर्राफा कारोबारी हैं। आरोपियों और मृतकों के घर एक ही गली में करीब 200 मीटर की दूरी पर हैं।

परिवार में पसरा मातम

अंकित की शादी तीन साल पहले खुशबू से हुई थी, जबकि मोहित की शादी दस साल पहले नेहा से हुई थी। दोनों भाइयों की कोई संतान नहीं थी। परिवार में अब सबसे बड़े भाई रोहित बचे हैं, जिनकी पत्नी शिवानी और एक साल का बेटा रेयांश है। तीन मौतों से परिवार में मातम पसरा है। राहगीर कुणाल कस्बे के एक बुक डिपो में काम करता था।

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