लखनऊ में सपा के खिलाफ लगाई गई विवादित होर्डिंग्स: गरमाई सियासत, सपाइयों का क्या भरोसा...लिखकर लगाया पोस्टर

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को एक बार फिर होर्डिंग वॉर देखने को मिला। गोमतीनगर समेत कई इलाकों में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के परिवार के खिलाफ विवादित स्लोगन वाली होर्डिंग्स लगाई गईं। इससे सियासत गरमा गई है। सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
शहर के गोमती नगर में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास समेत कई जगहों पर 'सपाइयों का क्या भरोसा' शीर्षक से विवादित होर्डिंग्स लगाई गईं हैं। इन होर्डिंग्स में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव, डिंपल यादव समेत परिवार के अन्य सदस्यों की तस्वीरें लगाई गई हैं जिनमें अखिलेश यादव को टोपी पहने दिखाया गया है। होर्डिंग्स पर विवादित स्लोगन लिखे हैं -'खैनी और बनारसी पान, बजट चला गया कब्रिस्तान, दंगा, इफ्तार और बिरयानी-सपा राज की असली कहानी, चावल, दाल, अचार- पार्टी का मतलब परिवार, एक कचौड़ी, दो समोसा-गिरगिटेश का क्या भरोसा...लिखे होर्डिंग्स लगाई गई हैं।
यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव ने फाड़ी होर्डिंग, मुकदमा दर्ज कराने की मांग
मामले पर मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव परवेश यादव ने होर्डिंग फाड़ते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे शहर में अभद्र भाषा वाली होर्डिंग लगना शर्मनाक है। परवेश यादव ने लखनऊ पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सत्ता या सीएम योगी के खिलाफ ऐसी होर्डिंग लगती तो फौरन हटवा दी जाती और लगाने वालों के घर पुलिस पहुंच जाती लेकिन पूर्व सीएम के खिलाफ ऐसी भाषा पर पुलिस मौन है। उन्होंने सीसीटीवी से चिन्हित कर होर्डिंग लगवाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
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