प्रयागराज में अतीक की 14 जमीनों पर पुलिस की कार्रवाई: राजस्व टीम ने किया जमीनों का चिन्हांकन, जमीनों पर लगाए नोटिस बोर्ड

प्रयागराज|
राजस्व टीम ने किया जमीनों का चिन्हांकन, जमीनों पर लगाए नोटिस बोर्ड

माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई जा रही जमीनों की पहचान स्पष्ट करने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर में टीम ने मौके पर पहुंचकर 14 आराजी नंबरों की जमीनों का चिन्हांकन कराया और नोटिस बोर्ड लगवाए। पुलिस के मुताबिक, इन संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत 28 जुलाई 2026 को ही कुर्क किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई का उद्देश्य कुर्क की गई जमीनों की स्थिति को मौके पर स्पष्ट करना है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त न्यायालय, प्रयागराज ने 27 जुलाई 2026 को सरकार बनाम अतीक अहमद (मृतक), विधिक प्रतिनिधि और प्रभावित व्यक्ति मदनलाल भारतीय से जुड़े मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत आदेश पारित किया था। इसके अनुपालन में अगले दिन संबंधित जमीनों को कुर्क किया गया। कैंट और एयरपोर्ट थाने की पुलिस राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने जमीनों की पहचान कराई और नोटिस बोर्ड लगवाए।

14 आराजी नंबरों की जमीनें कार्रवाई में शामिल

पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार, भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर, परगना और तहसील सदर क्षेत्र में 14 आराजी नंबरों की जमीनें कार्रवाई के दायरे में हैं। इनमें आराजी नंबर 592 का रकबा 0.2380 हेक्टेयर, 133 का 0.1480, 594 का 0.0910, 591 का 0.1140, 568 का 0.0680, 485 का 0.0110, 489 मि. का 0.0570, 469 का 0.6610, 598 का 0.0910, 488 का 0.1140, 566 का 0.0800, 587 का 0.2050 और 558 का 0.1480 हेक्टेयर दर्ज है। आराजी नंबर 138 का कुल रकबा 0.2970 हेक्टेयर है, जिसमें से पांचवां हिस्सा यानी 0.0594 हेक्टेयर कुर्क किया गया है।

कुछ जमीनों में केवल हिस्सेदारी कुर्क

पुलिस के मूल विवरण के मुताबिक, आराजी नंबर 592, 133, 594 और 591 में दर्ज कुल रकबे का छठा हिस्सा ही कार्रवाई के दायरे में है। इसलिए इन जमीनों के पूरे क्षेत्रफल को कुर्क संपत्ति नहीं माना जाएगा। संबंधित मामलों में निर्धारित हिस्सेदारी ही कुर्क की गई है।

अपराध से अर्जित धन से खरीदने का आरोप

पुलिस का आरोप है कि अतीक अहमद ने आपराधिक प्रभाव और भय का इस्तेमाल कर अपराध से अर्जित धन से जमीनें खरीदी थीं। आरोप है कि कीमती जमीनें कम कीमत पर खरीदकर अनुसूचित समाज के व्यक्ति मदनलाल भारतीय के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई। पुलिस इन्हें अतीक की बेनामी संपत्तियां बताती है। डीसीपी सिटी सागर जैन के मुताबिक, अपराध से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने और उसे दूसरे के नाम दर्ज कराने के मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। नोटिस बोर्ड लगाने की कार्रवाई इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

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