संतकबीरनगर के थाने में भिड़े विधायक और इंस्पेक्टर: 40 मिनट तक चली तीखी बहस, विधायक ने लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप
मेंहदावल थाने में निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के बीच करीब 40 मिनट तक तीखी बहस हुई। मामला बेलौली गांव के विवाद में एक पक्ष के व्यक्ति रामकेवल को थाने में बैठाने और केस दर्ज करने की कार्रवाई को लेकर गरमाया। विधायक ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन कर अपनी नाराजगी जताई। विधायक ने एसपी से कहा कि उनके एसएचओ युद्ध कराना चाह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है।
विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी अपने गांव बेलौली में हुए विवाद के मामले में एक पक्ष के समर्थन में मेंहदावल थाने पहुंचे थे। उन्होंने इस घटनाक्रम का 5 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया है। वीडियो में विधायक प्रभारी निरीक्षक से रामकेवल को थाने में बैठाने को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि बिना जांच किसी व्यक्ति को थाने में कैसे बैठाया गया और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया क्यों शुरू की जा रही है?
जांच के बाद दर्ज किया जाएगा केस
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने जवाब दिया कि रामकेवल धमकी दे रहा था और हंगामा कर रहा था। विवाद की आशंका को देखते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही थी। इंस्पेक्टर ने वीडियो में एससी-एसटी मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि एक पक्ष की शिकायत पर बिना जांच मुकदमा दर्ज किया गया है तो दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में विवाद बढ़ने की आशंका भी जताई।
एसपी से तबादले का मुद्दा उठाया
बहस के बाद विधायक ने एसपी संदीप कुमार मीना को फोन किया। वीडियो में विधायक प्रभारी निरीक्षक के तबादले का मुद्दा उठाते और उनके मेंहदावल में तैनात रहने पर सवाल करते सुनाई दे रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि पहले ब्राह्मणों और अब गरीब दलितों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी एसपी के सामने रखी।
फसल काटने से शुरू हुआ था विवाद
बेलौली गांव में शनिवार को बाजरे की फसल काटने को लेकर हनुमान चौधरी और रामलौट के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने हनुमान चौधरी की तहरीर पर रामलौट समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वहीं रामलौट पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। रामलौट पक्ष ने प्रभारी निरीक्षक से फोन पर बात की थी। विधायक के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक ने पीड़ित पक्ष को थाने भेजने की बात कही थी। इसके बाद रामलौट परिवार के साथ थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे बैठा लिया।











