संतकबीरनगर में कैदी की मौत पर 5 डॉक्टरों को नोटिस: रिकॉर्ड से डॉक्टरों के बयानों का होगा मिलान, कल तक बयान दर्ज कराने का निर्देश

जिला कारागार में बंदी की मौत की जांच कर रही एसआईटी ने अब इलाज से लेकर पोस्टमॉर्टम तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल शुरू कर दी है। टीम ने पांच डॉक्टरों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। जांच का फोकस जिला अस्पताल की इमरजेंसी, जेल अस्पताल में हुए इलाज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए विरोधाभासी तथ्यों पर है। सभी डॉक्टरों को सोमवार तक कलक्ट्रेट स्थित एडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस पाने वाले डॉक्टरों में 28 सितंबर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में टुनटुन का इलाज करने वाले डॉक्टर रोहित पांडेय शामिल हैं। जेल अस्पताल के डॉक्टर देश दिनकर त्रिपाठी और डॉक्टर हेमंत नायक से भी पूछताछ होगी। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम पैनल में शामिल डॉक्टर एम. फारुकी और डॉक्टर सुनील कुमार को भी बयान के लिए बुलाया गया है। एडीएम सत्य प्रकाश ने बताया कि सोमवार तक सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे।
सीसीटीवी और दस्तावेजों से मिलान करेगी एसआईटी
एसआईटी ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड पहले ही जुटा लिए हैं। अब डॉक्टरों के बयानों को इन रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टुनटुन को जेल से अस्पताल लाए जाने के समय उसकी हालत कैसी थी? इमरजेंसी में किस तरह इलाज हुआ और इसके बाद पोस्टमॉर्टम के दौरान क्या स्थिति रही? जांच में इन सभी चरणों के रिकॉर्ड और डॉक्टरों के बयानों का मिलान किया जाएगा।
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