कोयंबटूर से सिद्धार्थनगर का युवक गिरफ्तार: अलकायदा से संपर्क रखने का लगा आरोप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए थे ग्रुप

सिद्धार्थनगर|17 सितंबर 2026
अलकायदा से संपर्क रखने का लगा आरोप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए थे ग्रुप

यूपी एटीएस ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 19 वर्षीय मकसूद अली को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, मकसूद के संपर्क पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों से थे और वह देश विरोधी हिंसक गतिविधियों की साजिश से जुड़ा था। उस पर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और उन्हें मुजाहिद बनने के लिए तैयार करने का आरोप है। मकसूद मूल रूप से सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई, जहां कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एटीएस का दावा है कि मकसूद ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप बना रखे थे। इनके जरिए वह युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। एटीएस के अनुसार, वह लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर मुजाहिद बनाने का काम कर रहा था। इसके लिए धन जुटाने की कोशिश भी की जा रही थी, ताकि आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण लिया जा सके। जांच में इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों के साथ विदेश में मौजूद संदिग्ध लोगों से जुड़े होने की बात सामने आई है।

हैंडलरों के संपर्क में हैकिंग टूल कर रहा था तैयार

एटीएस के मुताबिक, मकसूद पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के संपर्क में रहकर हैकिंग टूल तैयार कर रहा था। पूछताछ में उसने ऑनलाइन माध्यमों से पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी हासिल करने की बात बताई है। उसने इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और अलग-अलग वॉट्सएप ग्रुपों के जरिए तकनीकी जानकारी हासिल की थी।

‘कैप्टन एम नेटवर्क’ एप्लिकेशन तैयार किया

जांच में एटीएस के सामने आया कि मकसूद ने ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम का सिक्योर एप्लिकेशन तैयार किया था। एटीएस के अनुसार, इसका उद्देश्य एक प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जोड़ना था। इसी के जरिए नबील, मकसूद और अन्य लोगों के आपस में संपर्क में रहने की बात सामने आई है। जांच में मकसूद से जुड़े कई वॉट्सएप ग्रुपों की जानकारी भी मिली है। इनमें यूयू एंट्री गेट, यूनाइटेड उम्माह, गजवा-ए-हिंद, टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-महंदी नाम वाले ग्रुप शामिल हैं। एटीएस के मुताबिक, इन ग्रुपों में पाकिस्तानी नंबरों वाले संदिग्ध और अन्य पाकिस्तानी हैकर भी जुड़े थे।

नव्य जागरण

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