सिद्धार्थनगर में डॉक्टर ने छेड़छाड़ के आरोप नकारे: बोले- पुरानी रंजिश में पीटा गया, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हुई थी मारपीट

सिद्धार्थनगर|
बोले- पुरानी रंजिश में पीटा गया, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हुई थी मारपीट

जिले में नीट की तैयारी कर रही युवती से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद सरकारी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना 13 अक्टूबर को जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर बांसी कोतवाली तिराहे के पास स्थित डायमंड डायग्नोस्टिक्स एंड पैथोलॉजी सेंटर में हुई थी। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद डॉक्टर ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उन्हें पुरानी रंजिश के कारण फंसाया गया है।

गोरखपुर निवासी डॉ. लक्ष्मी शंकर ने बताया कि 13 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे सरकारी ड्यूटी खत्म करने के बाद वह सेंटर के ऊपर बने अपने किराए के कमरे में पहुंचे थे। सरकारी अस्पताल में रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह वहां रहते हैं और कभी-कभी नीचे स्थित सेंटर पर अल्ट्रासाउंड भी करते हैं। उनके मुताबिक, बांसी के राप्ती नगर निवासी युवती पेट दर्द की शिकायत लेकर जांच कराने पहुंची थी। वह करीब डेढ़ साल से लखनऊ में रहकर नीट की तैयारी कर रही है। युवती के पास डॉक्टर की पर्ची नहीं थी, फिर भी उन्होंने अल्ट्रासाउंड किया। डॉक्टर का दावा है कि जांच के दौरान उन्होंने युवती से पढ़ाई के बारे में बात की और अधिक समय पढ़ने की सलाह दी। इसके बाद रिपोर्ट देकर युवती चली गई।

घटनास्थल पर मौजूद थे पुलिसकर्मी

डॉ. लक्ष्मी शंकर के अनुसार, युवती के जाने के करीब एक घंटे बाद 8 से 10 लोग सेंटर पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि अकेली युवती का अल्ट्रासाउंड क्यों किया गया? इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि आदित्य वर्मा भी मारपीट करने वालों में शामिल था। उनका दावा है कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद थे, इसके बावजूद उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो रिकॉर्ड होने से पहले भी उन्हें पीटा गया था।

पांच महीने पुराने विवाद से जुड़ा मामला

डॉक्टर ने घटना को 30 मई 2026 को सरकारी अस्पताल में हुए एक विवाद से जोड़ा। उनके मुताबिक, एक महिला के इलाज के दौरान उन्होंने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी और तत्काल के लिए कुछ दवाएं दी थीं। ज्यादा रक्तस्राव के कारण महिला का गर्भपात हो गया था। इसके बाद अस्पताल में जुटे लोगों ने इलाज को लेकर विवाद किया। डॉ. सिंह का आरोप है कि उस समय 8 से 10 लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। उन्होंने बांसी के अंगद वर्मा समेत 8 से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। डॉक्टर का दावा है कि इसी रंजिश में उन्हें दोबारा निशाना बनाया गया। उन्होंने युवती से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया है।

सीएमओ कराएंगे जांच

बांसी कोतवाली प्रभारी महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी के मुताबिक, दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई थी। इसके बाद उनके बीच समझौता हो गया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर का निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रैक्टिस करना नियमों के खिलाफ है। मामले की जानकारी जुटाकर जांच कराई जाएगी। युवती से छेड़छाड़ के आरोपों की भी पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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