चक्रवात 'अर्नब' का कहर: ओडिशा सरकार ने केंद्र से मांगी 2,526 करोड़ रुपये की सहायता, स्थायी समाधान के लिए 10,000 करोड़ की अतिरिक्त मांग
ओडिशा सरकार ने चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद राज्य के तीन दक्षिणी जिलों में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान से निपटने के लिए केंद्र सरकार से 2,526 करोड़ रुपये की प्रारंभिक वित्तीय सहायता मांगी है। इसके साथ ही, राज्य में चक्रवात और बाढ़ के स्थायी समाधान और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये की विशेष आपदा शमन सहायता की भी मांग की गई है।
यह मांग राज्य का दौरा करने आई आठ सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद रखी गई। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में आई इस केंद्रीय टीम ने तीन दिनों तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जमीनी जायजा लिया है।
गंजाम जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि चक्रवात और बाढ़ से राज्य के तीन दक्षिणी जिले-गंजाम, गजपति और कंधमाल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें गंजाम को सबसे भारी नुकसान पहुंचा है। विभिन्न सरकारी विभागों से मिली शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर नुकसान का यह प्राथमिक आकलन तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में बिजली, पेयजल और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल कर दिया गया है, लेकिन सिंचाई सुविधाओं और सड़कों के पुनर्निर्माण में अभी और वक्त लगेगा।
राज्य सरकार का पैकेज
राज्य सरकार ने पहले ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से 107.7 करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी किया है, जिसके तहत प्रभावित परिवारों को 2,500 रुपये नकद और 50 किलो चावल दिए जा रहे हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद केंद्रीय टीम ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी मुलाकात कर स्थिति पर चर्चा की। विशेष राहत आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह एक प्रारंभिक मांग पत्र है। सभी विभागों से पूरी विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद, ओडिशा सरकार अगले 10 से 12 दिनों के भीतर केंद्र को अपना अंतिम मेमोरेंडम सौंपेगी।
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