सीएम धामी करेंगे दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बात: कैबिनेट मंत्री ने लगाई थी फटकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कैबिनेट मंत्री ने लगाई थी फटकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

उत्तराखंड के कुंजापूरी मेले में गायक दलेर मेहंदी को फटकार लगाने के मामले ने तुल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उत्तराखंड के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह गायक दलेर मेहंदी और मीका सिंह से स्वयं बात करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी प्रकरण पर यह बात कही। कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी को मंच पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फटकार लगाई थी। इसके बाद इस मामले को लेकर विरोध शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर अभिनेता अनुपम खेर और राजपाल यादव के बयान भी वायरल हो रहे हैं।

अनुपम खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को 25 से 30 साल से जानते हैं और वह बड़े कलाकार हैं। वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि दलेर मेहंदी ने लिप्सिंग की हो। पिछले दो-तीन साल से उनकी तबीयत ठीक नहीं है। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए वह अपने वादे के अनुसार पहुंचे होंगे लेकिन सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना ठीक नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल बयान में राजपाल यादव ने कहा कि मंच पर किसी गायक के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता। कला जीवन है और जीवन का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा है।

सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री का बयान हो रहा वायरल

विवाद पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वह किस चीज का नशा था। इतने बड़े कलाकार का मेडिकल नहीं कराया जा सकता। बाद में उन्हें बताया गया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। उनियाल ने कहा कि यदि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तो कार्यक्रम में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी या कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। उनके अनुसार, कार्यक्रम में आने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे और होटल में ठहरने की अलग से व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद संगीत को बदनाम करना नहीं था लेकिन जब दलेर मेहंदी 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने उन्हें टोका। उन्होंने कहा कि कलाकार का सम्मान होना चाहिए और कलाकार को भी अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।

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