केरलम में जज के नाबालिग बेटे की मर्सिडीज कार से हादसा: स्कूटर सवार की मौत, जज पर अपमान करने का लगा आरोप

स्कूटर सवार की मौत, जज पर अपमान करने का लगा आरोप

कोच्चि में तेज रफ्तार मर्सिडीज कार की टक्कर से स्कूटर सवार 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे चला रहा था। हादसा रात करीब दो से तीन बजे के बीच हुआ। कार न्यायाधीश के नाम पर पंजीकृत थी। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाने के दौरान न्यायाधीश ने उनसे अपमानजनक तरीके से बात की।

हादसे में जान गंवाने वाले जयबालकृष्णन करीब 30 वर्षों से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चलाते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने चित्तूर मंदिर के पास अपनी दुकान बंद की थी। वह रोजाना शाम करीब चार बजे स्टॉल खोलते थे। यहां मुख्य रूप से डोसा समेत शाकाहारी व्यंजन बेचे जाते थे। दंपती रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर दुकान पहुंचते थे। मंजू वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण पिछले एक सप्ताह से छुट्टी पर थीं। हादसे के वक्त जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।

माता-पिता को बताए बिना कार लेकर निकला था किशोर

पुलिस के अनुसार, आरोपी किशोर अलुवा में रहता है। वह अपने माता-पिता को बताए बिना मर्सिडीज-बेंज कार लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसने जयबालकृष्णन के स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।

पुलिस ने कार जब्त कर दर्ज किया केस

चेरानेल्लूर पुलिस ने घटनास्थल से किशोर को हिरासत में लिया और मर्सिडीज कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही के कारण मौत होने से संबंधित हैं।

नशे की आशंका पर लिए गए ब्लड सैंपल

पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय किशोर नशे में नहीं था। हालांकि, मामले की आगे जांच के लिए उसके रक्त के नमूने लिए गए हैं। पुलिस हादसे के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वहीं, पीड़ित परिवार ने नाबालिग को कार चलाने देने और पुलिस स्टेशन में हुए कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं।

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