पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला: सीजीपी के दो नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाने पर जताई नराजगी, तुरंत रिहाई की मांग की

सीजीपी के दो नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाने पर जताई नराजगी, तुरंत रिहाई की मांग की

कॉकरोच जनता पार्टी के दो नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को 'राज्य-प्रायोजित आतंकवाद' और 'पुलिस-प्रायोजित अत्याचार' करार दिया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए युवा नेताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है।

दिल्ली की मंदिर मार्ग थाना पुलिस के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने सीजेपी नेता अशुतोष रंका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। हिरासत अवधि बढ़ाए जाने के बाद मंगलवार को ममता बनर्जी ने केंद्र की एनडीए सरकार को घेरते हुए लिखा कि यह पूरी तरह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "मैं साफ कहना चाहती हूं कि यह राज्य-प्रायोजित आतंकवाद है और यह ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता।"

अंग्रेजी हुकूमत से की तुलना

पूर्व मुख्यमंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब हमारे पूर्वजों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी, तब उन्हें भी ऐसे ही अत्याचारों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए मजबूती से खड़े होंगे, तभी सरकार में बैठे अहंकारी नेताओं की आंखें खुलेंगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार लोकतंत्र में विश्वास रखती है, तो अशुतोष और सौरव को तुरंत बिना शर्त रिहा करे। ममता बनर्जी के इस मुखर समर्थन के लिए सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने उनका आभार भी जताया है।

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