आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' का संकट: आज रात तट से टकराएगा तूफान, प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
आंध्र प्रदेश अभी कुछ ही दिन पहले आए चक्रवात 'अर्नब' के असर से उबर रहा था और इस बीच 'मुरासु' के रूप में राज्य को एक हफ्ते के भीतर दूसरे बड़े चक्रवात का सामना करना पड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा यह भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह गंभीर चक्रवाती तूफान आज रात 11:30 बजे से कल की सुबह 4:00 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के पास तट को पार करेगा। लैंडफॉल के दौरान तटीय इलाकों में 100 से 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो बढ़कर 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। तूफान के मद्देनजर प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
संभावित तबाही को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने मोर्चा संभाल लिया है। तमिलनाडु से NDRF की तीन विशेष टीमें आंध्र प्रदेश के संवेदनशील तटीय इलाकों में तैनात की गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान का जिम्मा संभालेंगी। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
विजयवाड़ा और चेन्नई में हवाई सेवाएं प्रभावित
खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण विमान सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। विजयवाड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज 10 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिनमें इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, चेन्नई एयरपोर्ट से विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कड़पा और तिरुचिरापल्ली के बीच चलने वाली करीब 11 उड़ानें भी रद्द की गई हैं। यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
चेन्नई में भारी बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात मुरासु के प्रभाव के कारण तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और आसपास के जिलों (तिरुवलूर, चेंगलपट्टू) में रविवार रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। चेन्नई के माधवराम और नुंगमबाक्कम जैसे इलाकों में 10 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा चेन्नई और तिरुवलूर में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने आज सभी स्कूलों और कॉलेजों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी है।
बिजली और अन्य बुनियादी ढांचों पर खतरा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। तूफान के कारण तटीय जिलों नेल्लोर, प्रकाशम, बापटला और कृष्णा में भारी नुकसान की आशंका है। अनुमान है कि तेज हवाओं से 6,000 से 8,000 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है। ऊर्जा विभाग को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारी तैनात रखने को कहा गया है। मछुआरों को चार नवंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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