मुंबई में गिरी 22 फीट की गणेश प्रतिमा: हादसे में दो की मौत, पांच घायल, वेल्डिंग सपोर्ट टूटने से बिगड़ा संतुलन
मुंबई के भुलेश्वर में गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लालबाग से भुलेश्वर लाई जा रही 22 फीट ऊंची प्रतिमा पंडाल से करीब 50-60 मीटर पहले अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच और सात साल की दो बच्चियां भी शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, प्रतिमा के पीछे लगा वेल्डिंग सपोर्ट टूटने से उसका संतुलन बिगड़ा और वह आगे की ओर मौजूद लोगों पर जा गिरी। गिरने के बाद प्रतिमा तीन हिस्सों में टूट गई।
पुलिस के अनुसार, प्रतिमा को लालबाग से भुलेश्वर ले जाया जा रहा था। पंडाल से कुछ दूरी पहले प्रतिमा के पीछे लगाया गया वेल्डिंग सपोर्ट टूट गया। इसके बाद प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह लोगों की ओर गिर पड़ी। हादसे में मौके पर भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, यातायात पुलिस, 108 एंबुलेंस और नगर निगम की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान संकेत नेवशे और बृजेश हेमंत जोशी के रूप में हुई है। संकेत नेवशे भुलेश्वरचा राजा गणेश मंडल के अध्यक्ष थे। घायलों में वैभव घेनंद, पवन चौरसिया, लावण्या गनेर, दिव्या गनेर और कुणाल काशिद शामिल हैं। सभी की हालत स्थिर बताई गई है।
आगमन समारोह में उमड़ी थी भीड़
यह हादसा गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान हुआ। मुंबई में गणेशोत्सव से पहले कई मंडल प्रतिमाओं को जुलूस के साथ पंडाल तक लेकर जाते हैं। इन जुलूसों में ढोल-ताशे, संगीत और सजावट के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। भुलेश्वर में लाई जा रही प्रतिमा को विशाल सांप के बैकग्राउंड से सजाया गया था, जिससे उसका स्वरूप और भव्य दिखाई दे रहा था।
नट-बोल्ट में मिली थी खराबी
हादसे के बाद यह दावा भी सामने आया कि प्रतिमा को फैक्ट्री से बाहर निकालने से पहले उसके नट-बोल्ट में खराबी मिली थी। बताया जा रहा है कि मरम्मत के बाद प्रतिमा को जुलूस के लिए रवाना किया गया था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की है। हादसे के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम ने तीन हिस्सों में बंटी प्रतिमा को डंपर पर रखवाया। बाद में उसे गिरगांव चौपाटी के समुद्र में विसर्जित कर दिया गया।











