एमपी में जहरीली शराब से 11 की गई जान: 24 लोगों की हालत गंभीर, अधिकारियों ने छह दुकानें की सील
मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 35 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था। इनमें 24 मरीज अभी भर्ती हैं और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर में इलाज के लिए भेजा गया है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचे कई मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें शरीर में अकड़न की शिकायत थी। घटना के बाद प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने स्क्रीनिंग शुरू कर दी है और शराब का सेवन करने वाले लोगों की जांच कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के इलाकों के कुछ लोगों ने शराब पी थी। इसके बाद कई लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बमुराबेड़ा गांव के युवक ने बताया कि उनके चचेरे भाई की भी मौत हुई है। उनके गांव में चार लोगों की जान गई है। पहले दिन एक और दूसरे दिन तीन लोगों की मौत हुई। तीन लोगों ने एक साथ शराब पी थी और इसके बाद उनके शरीर अचानक ठंडे पड़ने लगे। करीब आधे घंटे में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
कलेक्टर ने की अपील
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पिछले 24 से 48 घंटे में शराब का सेवन करने वाले लोगों से तत्काल स्क्रीनिंग कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लोग स्थानीय चिकित्सा दल से संपर्क करें या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है। चिकित्सा दल मरीजों की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत के मुताबिक उपचार व अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
सैंपलिंग के दिए निर्देश
मौतों की सूचना के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने नौराज तथा गूगरा खुर्द पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था भी देखी। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया गया है और उनके सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन मौतों के कारणों की जांच कर रहा है।











