राजस्थान में स्लीपर बस ने अधिवक्ता को मारी टक्कर: मौके पर मौत, डिवाइडर तोड़ते हुए क्रेन से टकराई
राजस्थान के नागौर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहाँ दिल्ली-जोधपुर रूट पर चल रही एक निजी स्लीपर बस ने कोर्ट जा रहे 55 वर्षीय अधिवक्ता धनाराम को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित हुई बस फुटपाथ की रेलिंग को तोड़ते हुए आगे चल रही एक क्रेन से जा टकराई
हादसे में बस ड्राइवर और खलासी घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्री सुरक्षित रहे। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे नागौर के कोतवाली थाना क्षेत्र में डेह रोड पर हुआ।
साइकिल के साथ पैदल जा रहे थे अधिवक्ता
जानकारी के अनुसार, अमरपुरा निवासी अधिवक्ता धनाराम (55) साइकिल के साथ सड़क किनारे पैदल जा रहे थे। इसी दौरान जोधपुर-दिल्ली रूट पर चलने वाली एक निजी स्लीपर बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि धनाराम की मौके पर ही मौत हो गई। वह रोजाना की तरह कोर्ट जाने के लिए निकले थे।
क्रेन ड्राइवर ने कूद कर बचाई अपनी जान
धनाराम को टक्कर मारने के बाद बस ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे फुटपाथ की रेलिंग तोड़ते हुए आगे चल रही क्रेन से पीछे की ओर जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस और क्रेन के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। क्रेन ड्राइवर ने चलती क्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई।
मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर नागौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने धनाराम के शव को कब्जे में लेकर जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
बस में सवार यात्रि सुरक्षित
नागौर कोतवाल नंदलाल ने बताया कि बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। बस चालक और खलासी को चोटें आई हैं, जिन्हें नागौर के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से बीच रास्ते में चलना मजबूरी
लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और फुटपाथ के लिए छोड़ी गई जगह पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले लोगों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। फिलहाल नागौर कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।











